कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में जादवपुर विश्वविद्यालय की हिंसा, फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, पुलिस में कथित भ्रष्टाचार और आगामी निकाय चुनावों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने इन मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरा है। मीडिया से बातचीत में दिलीप घोष ने जादवपुर विश्वविद्यालय में हुई घटनाओं पर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने के साथ-साथ कोलकाता में अतिक्रमण हटाने, झाड़ग्राम में कथित पुलिस वसूली, धर्मांतरण के आरोपों और ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लेकर भी अपनी राय रखी।
जादवपुर हिंसा पर बोले दिलीप घोष: ‘अब सख्त कार्रवाई का समय’
जादवपुर विश्वविद्यालय में कथित हिंसक घटनाओं के कई दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने पर दिलीप घोष ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जादवपुर का इतिहास हिंसक राजनीतिक घटनाओं से जुड़ा रहा है और पहले केंद्रीय मंत्रियों तथा राज्यपाल तक को परिसर में विरोध का सामना करना पड़ा है। उनके मुताबिक, पुलिस की कथित ढिलाई से असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ता है। उन्होंने कहा कि अब विश्वविद्यालय परिसर में हिंसा और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में कड़ी कार्रवाई की जरूरत है।
SFI-ABVP टकराव पर भी निशाना
कोलकाता विश्वविद्यालय और जादवपुर विश्वविद्यालय में SFI तथा ABVP के बीच हुए टकराव का जिक्र करते हुए दिलीप घोष ने वाममोर्चा शासन के दौर की राजनीतिक हिंसा और छात्र राजनीति की संस्कृति पर हमला बोला। उनका आरोप था कि तोड़फोड़, हिंसा और शिक्षकों या प्राचार्यों को घेरने जैसी पुरानी राजनीतिक संस्कृति आज भी कुछ परिसरों में दिखाई देती है।
फुटपाथ अतिक्रमण पर बोले- पैदल चलने वालों का अधिकार नहीं छीना जा सकता
कोलकाता में फुटपाथों और सड़कों से अतिक्रमण हटाने के अभियान पर दिलीप घोष ने इसे जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि शहर में सड़क की जगह सीमित है, जबकि वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में फुटपाथों पर स्थायी या अवैध कब्जे के कारण पैदल यात्रियों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन और आम लोगों के सहयोग से व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश हो रही है, हालांकि इसमें समय लग सकता है।
झाड़ग्राम पुलिस वसूली मामले पर सख्त कार्रवाई की मांग
झाड़ग्राम में पुलिस कांस्टेबल से जुड़ी कथित वसूली की घटना पर भी BJP नेता ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़कों पर ट्रकों और वाहनों को रोककर अवैध वसूली की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। दिलीप घोष ने कहा कि यदि पुलिस या प्रशासन का कोई कर्मचारी इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
धर्मांतरण और ‘लव जिहाद’ के आरोपों पर जांच का स्वागत
दक्षिण 24 परगना में कथित धर्मांतरण और ‘लव जिहाद’ से जुड़े मामलों की जांच के लिए हाईकोर्ट के निर्देश का भी दिलीप घोष ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष और तथ्य आधारित जांच होनी चाहिए और यदि जबरन धर्मांतरण या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि के आरोप साबित होते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर बोले- बार-बार चुनाव से विकास प्रभावित
2029 में एक साथ चुनाव कराने की संभावनाओं पर दिलीप घोष ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव होने से प्रशासनिक मशीनरी चुनावी प्रक्रिया में व्यस्त रहती है और कई बार विकास कार्यों की गति प्रभावित होती है। उनके मुताबिक, विपक्षी दल राजनीतिक कारणों से इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं।
KMC और HMC चुनाव को लेकर BJP तैयार
पश्चिम बंगाल में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर भी दिलीप घोष ने पार्टी की रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने हावड़ा में लंबे समय से चुनाव नहीं होने और दुर्गापुर में भी चुनाव में देरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि स्थानीय निकायों में नियमित चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी हैं। उन्होंने दावा किया कि आगामी कोलकाता नगर निगम (KMC) और हावड़ा नगर निगम (HMC) चुनावों में BJP पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी। दिलीप घोष के इन बयानों के बाद जादवपुर हिंसा, अतिक्रमण अभियान, पुलिस व्यवस्था और आगामी निकाय चुनावों को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।