भ्रष्टाचार के आरोपों पर फूटा लोगों का गुस्सा
पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले के कालना में सातगाछिया पंचायत के तृणमूल प्रधान हरेकृष्ण मंडल को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। नाराज लोगों ने उन पर अंडे फेंके और 'चोर-चोर' के नारे लगाए।
पंचायत कार्यालय पहुंचे थे हरेकृष्ण मंडल
गुरुवार को हरेकृष्ण मंडल पंचायत कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान उनकी कालना के बीजेपी विधायक सिद्धार्थ मजूमदार के साथ बैठक भी हुई।
बैठक के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन
बैठक समाप्त होने के बाद जैसे ही हरेकृष्ण मंडल कार्यालय से बाहर निकले, पहले से मौजूद स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और उनके खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पुलिस और केंद्रीय बल की मौजूदगी में हुई अंडेबाजी
मौके पर पुलिस और केंद्रीय बल मौजूद थे, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारी लगातार अंडे फेंकते रहे। हंगामे के दौरान हरेकृष्ण मंडल सड़क पर गिर पड़े।
बीजेपी विधायक ने किया बचाव
स्थिति बिगड़ने पर बीजेपी विधायक सिद्धार्थ मजूमदार और अन्य बीजेपी कार्यकर्ता आगे आए। उन्होंने हरेकृष्ण मंडल को भीड़ से निकालकर सुरक्षित बाहर पहुंचाया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया।
स्थानीय लोगों ने लगाए गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंचायत प्रधान लंबे समय से विभिन्न भ्रष्टाचार के मामलों में लिप्त हैं। उनका कहना है कि कई शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
राज्य की राजनीति में बढ़ सकता है सियासी घमासान
इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है। हाल के दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में तृणमूल नेताओं के खिलाफ जनता के विरोध और अंडे फेंकने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।