कोलकाता: पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल फलता विधानसभा सीट पर रविवार सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो गई। पुनर्मतदान के बाद अब पूरे राज्य की नजर इस सीट के नतीजों पर टिकी हुई है। निर्वाचन आयोग ने मतगणना केंद्र और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
पुनर्मतदान के बाद शुरू हुई काउंटिंग
फलता विधानसभा सीट पर 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान ईवीएम से छेड़छाड़ और अनियमितताओं के आरोप लगे थे। इसके बाद चुनाव आयोग ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए सभी 285 बूथों पर मतदान रद्द कर दिया था। बाद में 21 मई को पूरे क्षेत्र में दोबारा मतदान कराया गया।
87 प्रतिशत से ज्यादा मतदान
पुनर्मतदान में मतदाताओं ने भारी उत्साह दिखाया। कुल 2.36 लाख मतदाताओं में से 87 प्रतिशत से अधिक लोगों ने वोट डाला। निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की करीब 35 कंपनियां तैनात की गई थीं।
टीएमसी उम्मीदवार ने छोड़ा मैदान
इस सीट पर चुनावी मुकाबला उस समय और दिलचस्प हो गया जब तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने पुनर्मतदान से दो दिन पहले चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया। हालांकि टीएमसी ने इसे उनका निजी फैसला बताया, लेकिन इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी।
ईवीएम विवाद से सुर्खियों में आई थी सीट
29 अप्रैल को मतदान के दौरान कई बूथों पर ईवीएम मशीनों में कथित तौर पर इत्र और चिपचिपे टेप लगाए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। जांच में वेब कैमरा फुटेज से छेड़छाड़ की कोशिशों का भी खुलासा हुआ था। इसके बाद चुनाव आयोग ने पूरे क्षेत्र में दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया।
सुरक्षा के बीच जारी मतगणना
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के मुताबिक मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के बेहद सख्त इंतजाम किए गए हैं। पूरे इलाके में पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है ताकि मतगणना प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके।