कोलकाता: विश्व प्रसिद्ध गंगासागर मेले को और अधिक भव्य और आकर्षक बनाने के साथ-साथ सागरद्वीप के समग्र विकास के लिए पश्चिम बंगाल सरकार विशेष मास्टर प्लान तैयार करेगी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को राज्य सचिवालय नबान्न में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सागरद्वीप को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाना और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई दिशा देना है।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा नया आयाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगासागर क्षेत्र के व्यापक विकास से राज्य में धार्मिक और समुद्री पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार सागरद्वीप को वैश्विक स्तर के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य करेगी।
कपिलमुनि आश्रम क्षेत्र में विकसित होगी आधुनिक पर्यटन अवसंरचना
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार कपिलमुनि आश्रम और उसके आसपास के तटीय क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक अवसंरचना तैयार की जाएगी। इसके तहत आवागमन, आवास, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करने की योजना है, ताकि गंगासागर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
समुद्र तट कटाव की समस्या के स्थायी समाधान पर जोर
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि कपिलमुनि मंदिर के सामने समुद्र तट पर लगातार हो रहे कटाव की समस्या लंबे समय से चिंता का विषय रही है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरकार विशेष पहल करेगी। तटीय सुरक्षा और संरक्षण के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार की जाएगी, जिससे मंदिर क्षेत्र और आसपास की भूमि को सुरक्षित रखा जा सके।
जलमार्ग और बंदरगाह विकास को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक
मुख्यमंत्री ने बताया कि नबान्न में जलमार्ग और बंदरगाह विकास से जुड़े मुद्दों पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सर्वानंद सोनोवाल और शांतनु ठाकुर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में राज्य में जल परिवहन, बंदरगाह विकास और समुद्री व्यापार से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
ताजपुर नहीं, दंदनपात्रबार में बनेगा नया डीप सी पोर्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि ताजपुर डीप सी पोर्ट परियोजना भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रशासनिक जटिलताओं के कारण आगे नहीं बढ़ सकी। उन्होंने दावा किया कि पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण अडाणी समूह भी इस परियोजना से पीछे हट गया था। अब सरकार ने ताजपुर से लगभग 10 किलोमीटर दूर दंदनपात्रबार क्षेत्र में नया गहरे समुद्री बंदरगाह विकसित करने का निर्णय लिया है।
1,700 एकड़ भूमि पर विकसित होगा आधुनिक बंदरगाह
मुख्यमंत्री के अनुसार दंदनपात्रबार में प्रस्तावित डीप सी पोर्ट के लिए लगभग 1,700 एकड़ भूमि आवंटित की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास इस क्षेत्र में पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, जिससे परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इस बंदरगाह के निर्माण से समुद्री व्यापार, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में पश्चिम बंगाल को बड़ा लाभ मिलेगा।