हावड़ा: हर साल मानसून आते ही जलमग्न हो जाने वाले हावड़ा शहर के निवासियों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद हावड़ा नगर निगम (Howrah Municipal Corporation) ने शहर की निकासी व्यवस्था (Drainage System) को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए एक महात्वाकांक्षी 'मास्टर प्लान' तैयार किया है। इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत लगभग 4700 करोड़ रुपये की लागत से हावड़ा के ड्रेनेज सिस्टम का कायाकल्प किया जाएगा।
इस बड़े प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए एक निजी संस्था और केएमडीए (KMDA) को शामिल करने की योजना बनाई गई है। परियोजना की 'विस्तृत परियोजना रिपोर्ट' (DPR) भी पूरी तरह तैयार कर ली गई है।
तीन भाजपा विधायकों ने की नगर निगम कमिश्नर संग बैठक
इस मास्टर प्लान को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए मंगलवार को भाजपा के तीन विधायकों ने हावड़ा नगर निगम का दौरा किया और निगम कमिश्नर सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में उत्तर हावड़ा के विधायक उमेश राय, शिवपुर के विधायक रुद्रनील घोष और बाली के विधायक संजय सिंह शामिल हुए।
फंडिंग का फॉर्मूला और बजट की तैयारी:
बैठक के बाद उत्तर हावड़ा के विधायक उमेश राय ने बताया, "हावड़ा शहर में जलजमाव की समस्या कहां-कहां है और मास्टर प्लान के जरिए इसका स्थायी समाधान कैसे किया जाएगा, इस पर कमिश्नर के साथ विस्तृत चर्चा हुई है। इस 4700 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का 70 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार देगी, जबकि बाकी 30 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी। हम इस पूरे मामले से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को अवगत कराएंगे ताकि नई सरकार के पहले बजट में ही राज्य के हिस्से की राशि आवंटित की जा सके।"
हावड़ा जिला अस्पताल बनेगा मल्टीस्पेशलिटी, सुवेंदु अधिकारी से होगी बात
ड्रेनेज सिस्टम की समीक्षा करने के बाद तीनों भाजपा विधायकों ने हावड़ा जिला अस्पताल का भी दौरा किया और वहां अस्पताल प्रबंधन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में अस्पताल के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और स्वास्थ्य सेवाओं के विकास पर चर्चा हुई।
विधायकों ने अस्पताल अधिकारियों को आश्वासन दिया कि हावड़ा जिला अस्पताल को आगामी दिनों में एक अत्याधुनिक 'मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल' (Multispeciality Hospital) में बदलने के लिए वे मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से सीधे बात करेंगे। इसके अलावा अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने, चिकित्सा उपकरणों को आधुनिक बनाने और अस्पताल परिसर में पार्किंग की समस्या को दूर करने को लेकर भी बैठक में ठोस रणनीति बनाई गई।