हावड़ा: हावड़ा जिले के आमता-1 ब्लॉक स्थित अनुलिया क्षेत्र के ‘कर्मतीर्थ भवन’ में बुधवार को पुलिस द्वारा की गई छापेमारी ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। यह भवन सरकारी योजना के तहत निर्मित एक सामुदायिक सुविधा केंद्र बताया जाता है, लेकिन तलाशी अभियान के दौरान यहां से बड़ी मात्रा में ताजा बम और शराब की बोतलें बरामद होने से सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और दहशत का माहौल देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों के आरोप और बढ़ती संदिग्ध गतिविधियां
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हाल के विधानसभा चुनाव के बाद से ही इस भवन में देर रात संदिग्ध लोगों का आना-जाना और जमावड़ा लगातार बढ़ गया था। लोगों ने कई बार इसकी शिकायत स्थानीय प्रशासन और पुलिस से की थी, जिसके बाद अंततः पेरो थाना पुलिस, केंद्रीय बल और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए भवन की घेराबंदी की और तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान एसडीपीओ निरुपम घोष के नेतृत्व में पुलिस ने भवन के विभिन्न हिस्सों की गहन जांच की और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की।
बम और शराब की बरामदगी से उठे गंभीर सवाल
छापेमारी में बम और शराब की भारी मात्रा में बरामदगी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर इस सरकारी भवन में ये सामग्री किस उद्देश्य से और किसके द्वारा जमा की गई थी। प्रशासन ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और सभी संभावित एंगल से इसकी पड़ताल की जा रही है। हालांकि अब तक किसी भी राजनीतिक दल का नाम आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसे लेकर राजनीतिक साजिश की आशंका भी जताई जा रही है।
सीसीटीवी और सुरागों के आधार पर जांच तेज, दोषियों पर शिकंजा जल्द
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भवन में लगे सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि दोषियों की पहचान जल्द कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। इस घटना ने न केवल सार्वजनिक संपत्ति के दुरुपयोग को उजागर किया है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की गंभीर खामियों को भी सामने ला दिया है।