हावड़ा: पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हावड़ा के बाली (Bally) इलाके में ड्रग कंट्रोल बोर्ड ने पिछले 72 घंटों से लगातार मैराथन छापेमारी (Marathon Raid) चलाकर भारी मात्रा में संदिग्ध नकली और घटिया दवाओं का जखीरा बरामद किया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह अवैध स्टॉक तृणमूल कांग्रेस (TMC) के स्थानीय नेता कैलाश मिश्रा के पार्टी कार्यालय और उससे सटे दवाओं के गोदाम से मिला है।
हावड़ा के असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर के नेतृत्व में चली इस औचक छापेमारी में लाखों रुपये की संदिग्ध दवाएं जब्त की गई हैं। ड्रग कंट्रोल के अधिकारियों को अंदेशा है कि इन घटिया और नकली दवाओं को बाजार में खपाने के उद्देश्य से भारी मात्रा में यहां जमा करके रखा गया था।
जब्त दवाओं की लिस्ट में शामिल हैं कई जरूरी मेडिसिन
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बरामद की गई दवाओं की सूची में आम और बेहद जरूरी बीमारियां ठीक करने वाली दवाएं शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से:
बुखार (Fever) की दवाएं
गैस और एसिडिटी (Acidity) की दवाएं
इसके अलावा कई अन्य गंभीर और महत्वपूर्ण बीमारियों से जुड़ी दवाएं भी इस लिस्ट में शामिल हैं।
एक राजनीतिक दल के दफ्तर को दवाओं का अवैध गोदाम क्यों बनाया गया था, इसे लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है और वे लगातार सवाल उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दवाओं का यह कारोबार कैलाश मिश्रा और उनके परिवार द्वारा संचालित किया जाता है।
भाई के साथ मिलकर चला रहे थे अवैध धंधा: भाजपा
इस घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हड़कंप मच गया है। बाली से भाजपा के संयोजक योगेश सिंह ने तृणमूल नेता पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, “टीएमसी नेता कैलाश मिश्रा ने पूरी तरह से गैरकानूनी तरीके से अपने पार्टी कार्यालय में इन दवाओं को जमा कर रखा था। जिस जगह से यह बरामदगी हुई है, वह कुछ साल पहले तक कैलाश मिश्रा का आधिकारिक पार्टी दफ्तर था। यह पूरा काला धंधा कैलाश मिश्रा और उनके भाई मिलकर चला रहे थे। हमारी मांग है कि प्रशासन उनके खिलाफ तुरंत सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करे।”
फिलहाल, राज्य के ड्रग कंट्रोल विभाग के आला अधिकारियों ने इस पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। दवाइयों के सैंपल लैब में जांच के लिए भेजे जा रहे हैं ताकि यह साफ हो सके कि ये कितनी घातक हैं और इस रैकेट के तार कहां-कहां जुड़े हैं।