कोलकाता: जादवपुर विश्वविद्यालय में स्लोगन लिखने और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर जारी विवाद के बीच बीजेपी नेता सुकांत मजूमदार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि छात्रों को स्लोगन लिखने और आंदोलन करने का अधिकार हो सकता है, लेकिन उन्हें इतिहास की जानकारी भी होनी चाहिए।
स्टालिन और लेनिन के अत्याचारों का किया जिक्र
सुकांत मजूमदार ने स्टालिन और लेनिन के शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि इतिहास पढ़ने की जरूरत है। उन्होंने स्टालिन के शासन में हुए कथित अत्याचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियों को किस नजरिए से देखा जाए, इस पर विचार करना चाहिए। उन्होंने वामपंथी विचारधारा से जुड़े लोगों को अपना इतिहास देखने की सलाह दी।
जादवपुर के कुछ शिक्षकों पर लगाए आरोप
छात्रों द्वारा बार-बार चुनौती दिए जाने और क्या इसमें विश्वविद्यालय प्रशासन के किसी हिस्से की भूमिका है, इस सवाल पर सुकांत मजूमदार ने दावा किया कि विश्वविद्यालय के तीन-चार शिक्षक कथित तौर पर नक्सलवाद समर्थक विचारधारा से जुड़े हुए हैं।
ABVP से पोस्टर लगाने की कही बात
सुकांत मजूमदार ने ABVP से ऐसे शिक्षकों के खिलाफ उनके इलाकों में पोस्टर लगाने की अपील भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ शिक्षक नक्सलवाद के समर्थक और भारत विरोधी हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित शिक्षकों या जादवपुर विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।