जलपाईगुड़ी/कोलकाता: पश्चिम बंगाल के शिक्षा जगत से एक के बाद एक बेहद हैरान और शर्मनाक करने वाले मामले सामने आ रहे हैं। पहले कोलकाता के सुरेंद्रनाथ कॉलेज के यूनियन रूम से नकदी और दो 'एसी बेडरूम' मिले, फिर कांचरापाड़ा के एक स्कूल से 1 करोड़ से ज्यादा कैश और आपत्तिजनक चीजें बरामद हुईं। अब इसी कड़ी में उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी से एक और बड़ा खुलासा हुआ है। यहाँ के प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक आनंद चंद्र (AC) कॉलेज के छात्र संघ के बंद कमरे का ताला तोड़ने पर भीतर से भारी मात्रा में विदेशी शराब की बोतलें, नशीली सामग्रियां और महिलाओं के कपड़े बरामद हुए हैं। इस घटना के बाद से जलपाईगुड़ी शहर और कॉलेज परिसर में भारी तनाव और राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है।
बंद कमरे का ताला खुलते ही उड़े सबके होश
जानकारी के अनुसार, कॉलेज का यह यूनियन रूम पिछले काफी समय से बंद पड़ा था। विशिष्ट शिकायतों के आधार पर जब इस कमरे का ताला तोड़ा गया, तो अंदर का नजारा देखकर प्रशासनिक अधिकारी और छात्र दंग रह गए। कमरे के भीतर चारों तरफ विदेशी शराब की खाली और भरी हुई बोतलें बिखरी पड़ी थीं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के जलपाईगुड़ी शहर ब्लॉक के संयोजक विनायक दास ने बताया:
"मंगलवार को जब आनंद चंद्र कॉलेज के बंद यूनियन रूम का दरवाजा खोला गया, तो अंदर शराब की पेटियां (कार्टन) और बोतलें मिलीं। इससे साफ है कि कॉलेज के भीतर बकायदा पेटी के हिसाब से शराब सप्लाई की जा रही थी। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कमरे के अंदर लड़कों के साथ-साथ महिलाओं के कपड़े और अन्य आपत्तिजनक सामग्रियां भी मिली हैं। यह सीधे तौर पर इशारा करता है कि छात्र संघ के कमरे की आड़ में यहाँ किस तरह की अनैतिक और असामाजिक गतिविधियां चल रही थीं।"
ABVP का दावा है कि उन्होंने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर कॉलेज प्रबंधन को सौंप दिया है, जिसे देखकर कॉलेज के प्रिंसिपल ने भी भारी आश्चर्य व्यक्त किया है।
कटघरे में तृणमूल छात्र परिषद, भाजपा ने साधा निशाना
इस घटना के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी छात्र संगठनों ने राज्य की पूर्ववर्ती सत्ताधारी पार्टी के छात्र संगठन तृणमूल छात्र परिषद (TMCP) को सीधे कटघरे में खड़ा किया है। भाजपा का आरोप है कि पिछले कई सालों से राज्य के विभिन्न कॉलेजों में छात्र संघ के कमरों पर अवैध कब्जा कर उन्हें शिक्षा के मंदिर से 'नशे और अय्याशी का अड्डा' बना दिया गया था।
कॉलेज प्रबंधन ने साधी चुप्पी, TMCP नेता भी भागे
इस बेहद संवेदनशील मामले पर कॉलेज प्रशासन पूरी तरह से मुंह बंद किए हुए है। मीडिया द्वारा कॉलेज के प्रिंसिपल देबाशीष दास से बार-बार फोन और मैसेज के जरिए संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
दूसरी ओर, आरोपों से घिरी तृणमूल छात्र परिषद (TMCP) के नेता भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं। संगठन की राज्य समिति के पूर्व सदस्य देवज्योति सरकार से जब इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "मैं इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करूँगा।" वहीं टीएमसीपी के पूर्व जिला अध्यक्ष गौरव सरकार के मोबाइल पर फोन करने पर उनके परिवार के एक सदस्य ने बताया कि गौरव घर पर नहीं हैं।
कोलकाता के सुरेंद्रनाथ कॉलेज के बाद अब उत्तर बंगाल के इस बड़े कॉलेज में हुए खुलासे ने बंगाल में छात्र राजनीति और शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व पवित्रता पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।