कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में हर पल बदलते घटनाक्रमों के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अस्तित्व पर अब तक का सबसे बड़ा संकट मंडरा रहा है। विधानसभा और लोकसभा में बगावत के बाद अब राज्यसभा में भी टीएमसी पूरी तरह से धुलने (धूलिधूसरित होने) की कगार पर पहुंच गई है। पिछले कुछ दिनों से चल रही अटकलों पर मुहर लगाते हुए गुरुवार को टॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री और टीएमसी सांसद कोयल मल्लिक (Koel Mallick) ने भी राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
सुखेंदु शेखर राय, सुस्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक के बाद महज चार दिनों के भीतर यह टीएमसी का चौथा बड़ा इस्तीफा है। इस सामूहिक इस्तीफे के सिलसिले ने दिल्ली से लेकर कोलकाता तक ममता बनर्जी के खेमे में हड़कंप मचा दिया है।
13 से घटकर महज 9 रह गई सांसदों की संख्या, अभी और होंगे इस्तीफे
कोयल मल्लिक के इस फैसले के बाद राज्यसभा में टीएमसी के सांसदों की संख्या 13 से घटकर अब सिर्फ 9 रह गई है। राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं की मानें तो इस रणनीतिक इस्तीफे के पीछे एक खास 'मॉडल' काम कर रहा है। दरअसल, राज्यसभा में एक साथ दो-तिहाई सांसदों को तोड़ना कानूनी रूप से मुश्किल होता है, इसलिए बागी गुट के सांसद एक-एक कर अपने पदों से इस्तीफा दे रहे हैं।
सूत्रों का दावा है कि इसी हफ्ते एक और सांसद और अगले हफ्ते तक दो से तीन और टीएमसी सांसद राज्यसभा की सदस्यता छोड़ सकते हैं। बंगाल विधानसभा के मौजूदा समीकरणों को देखते हुए, इन खाली सीटों पर जब भी उपचुनाव होंगे, तो वहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत पूरी तरह तय है
महज दो महीने में ही टूट गया 'देश सेवा' का सपना
याद दिला दें कि इसी साल फरवरी में तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा के लिए अपनी चौंकाने वाली कैंडिडेट लिस्ट जारी की थी, जिसमें राजीव कुमार, बाबुल सुप्रियो और मेनका गुरुस्वामी के साथ अभिनेत्री कोयल मल्लिक का नाम भी शामिल था। इसके बाद अप्रैल 2026 में कोयल मल्लिक अपने पूरे परिवार के साथ दिल्ली गई थीं और उन्होंने संसद सदस्य के रूप में शपथ ली थी।
शपथ लेने के बाद बेहद उत्साहित नजर आ रहीं कोयल ने मीडिया से कहा था, "मैंने बहुत ज्यादा सोच-समझकर यह फैसला नहीं लिया था। यह एक बहुत बड़ी और महान जिम्मेदारी है। देश की सेवा और लोगों की सेवा करने से बड़ा और कोई काम नहीं हो सकता।" लेकिन पार्टी की ऐतिहासिक हार और आंतरिक बिखराव को देखते हुए कोयल ने महज दो महीने के भीतर ही इस्तीफा देकर ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी से अपनी दूरियां बढ़ा ली हैं।
संसद से लेकर विधानसभा तक चारों खाने चित हुई टीएमसी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से टीएमसी के तीनों सदनों (विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा) में अभूतपूर्व विद्रोह चल रहा है
विधानसभा में विद्रोह: राज्य विधानसभा में ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी का संसदीय दल पहले ही ममता-अभिषेक से दूरी बना चुका है। इस बागी गुट के पास वर्तमान में 64 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया जा रहा है।
लोकसभा में टूट: संसद के निचले सदन में भी काकली घोष दस्तदार के नेतृत्व में 'नई तृणमूल' का गठन हो चुका है, जहाँ करीब 20 लोकसभा सांसदों ने एक साथ बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) गठबंधन को समर्थन देने की चिट्ठी सौंप दी है।
राज्यसभा में बिखराव: अब इसी तर्ज पर राज्यसभा में भी एक-एक कर इस्तीफों की झड़ी लगा दी गई है।
टॉलीवुड की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शुमार कोयल मल्लिक का इस तरह अचानक इस्तीफा देना यह साफ संकेत देता है कि बंगाल की राजनीति में अब टीएमसी की पकड़ पूरी तरह ढीली हो चुकी है और आने वाले दिन ममता बनर्जी के लिए और भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं।