कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता का एस्प्लेनेड इलाका शुक्रवार को उस वक्त युद्धक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाला गया छात्र विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक हो उठा। इस पूरे घटनाक्रम और प्रदर्शन के दौरान लगे कथित देशविरोधी नारों पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य ने वामपंथी दलों और उपद्रवियों पर तीखा हमला बोला है।
'विरोध का अधिकार है, पर देशविरोधी नारे बर्दाश्त नहीं'
समिक भट्टाचार्य ने कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल और छात्र को विरोध प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है। वामपंथी दल छात्रों के समर्थन में आ सकते हैं, लेकिन विरोध की आड़ में 'आजादी' और 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' जैसे नारे लगाना देश की अखंडता पर हमला है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य का बयान:
"भारत पहले से ही आजाद है। क्या ये लोग दोबारा कश्मीर में धारा 370 और 35A को वापस लाना चाहते हैं? प्रदर्शन के नाम पर पत्रकारों पर हमला करना, उन्हें लहूलुहान करना, निर्दोष राहगीरों को निशाना बनाना और दुकानें तोड़ना किस तरह की राजनीति है? हमारा मकसद जनता को इन तत्वों के असली चेहरे से वाकिफ कराना है ताकि अभिभावक अपने बच्चों को इनसे दूर रखें। जो कुछ भी हुआ, वह कोई छात्र आंदोलन नहीं था।" उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी लोकतांत्रिक आंदोलन चल सकता है, लेकिन अगर भारत विरोधी नारे लगाए जाएंगे तो पुलिस को सख्त कानूनी कार्रवाई करनी ही होगी।
7 एफआईआर दर्ज, 11 गिरफ्तार
एस्प्लेनेड में हुई हिंसा, पुलिस पर पथराव और मीडियाकर्मियों पर जानलेवा हमले को लेकर कोलकाता पुलिस ने अब तक कुल 7 एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं। इनमें से 6 एफआईआर घायल पत्रकारों की शिकायतों पर और 1 स्वत: संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया है।
बिना अनुमति जुटा था हुजूम
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) कुणाल अग्रवाल ने जानकारी दी कि प्रदर्शनकारियों के पास रैली या सभा की कोई औपचारिक अनुमति नहीं थी। लाउडस्पीकर और वाहनों के साथ डोरीना क्रॉसिंग को घेरने की कोशिश की गई। पुलिस द्वारा बार-बार शांति बनाए रखने की अपील के बावजूद भीड़ ने पुलिस, पत्रकारों और राहगीरों पर बोतलें, जूते और लाठियां चलानी शुरू कर दीं।
फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रभावित इलाकों में RAF और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।