कोलकाता: संघर्ष की राजनीति का मिला बड़ा पुरस्कार 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कोचबिहार भाजपा की प्रस्तावित रथयात्रा भले ही तृणमूल सरकार के विरोध के चलते सफल नहीं हो पाई थी, लेकिन उसी आंदोलन ने उत्तर बंगाल की राजनीति को एक नया चेहरा दिया था। वह चेहरा था मालती रावा राय का। वर्षों के संगठनात्मक संघर्ष और जनआंदोलनों के बाद अब मालती रावा राय को राज्य सरकार में महिला, बाल एवं समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बुधवार को मंत्री पद की शपथ लेने के बाद मालती रावा राय ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता होगी।
उत्तर बंगाल में भाजपा की मजबूती का अहम चेहरा
मालती रावा राय की राजनीतिक पहचान केवल एक विधायक तक सीमित नहीं है। उत्तर बंगाल में भाजपा के संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। चाहे 2019 की रथयात्रा का आंदोलन हो या महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन, मालती लगातार संघर्ष के केंद्र में दिखाई दीं। हालिया विधानसभा चुनाव में उत्तर बंगाल ने भाजपा को जबरदस्त समर्थन दिया। 54 सीटों में से 40 पर भाजपा की जीत के पीछे जिन नेताओं का योगदान माना जा रहा है, उनमें मालती रावा राय का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है।
तुफानगंज को पहली बार मिला मंत्री
स्वतंत्रता के बाद पहली बार तुफानगंज विधानसभा क्षेत्र को मंत्री पद का प्रतिनिधित्व मिला है। मालती रावा राय 2021 में पहली बार विधायक चुनी गई थीं और तब से यह क्षेत्र भाजपा का मजबूत गढ़ बना हुआ है। 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार शिवशंकर पाल को 31 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराकर अपनी लोकप्रियता साबित की। लगातार दूसरी जीत के बाद उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
महिला सुरक्षा होगी सर्वोच्च प्राथमिकता
महिला, बाल एवं समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी संभालते ही मालती रावा राय ने स्पष्ट कर दिया है कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा, “हमारा काम माताओं, बहनों और बेटियों को सुरक्षित रखना होगा। समाज में उनका सम्मान और गरिमा हर हाल में बनी रहनी चाहिए।”
आत्मनिर्भर महिलाओं पर रहेगा विशेष फोकस
मालती रावा राय का कहना है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल रहेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर महिलाओं के लिए नई संभावनाएं तैयार करेंगी। उनके अनुसार, महिलाओं को रोजगार, प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा ताकि वे सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर भी रहेगी नजर
नई मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य तथा पोषण को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग का विशेष ध्यान मातृ स्वास्थ्य, शिशु पोषण और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर रहेगा। रथयात्रा के संघर्ष से लेकर मंत्री पद तक का मालती रावा राय का सफर भाजपा की उत्तर बंगाल राजनीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि वह अपने विभाग की प्राथमिकताओं को जमीन पर किस तरह उतारती हैं।