कोलकाताः तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता के एस्प्लेनेड स्थित वाई-चैनल में बड़ा धरना प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कथित हमलों, विशेष रूप से अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले, तथा रेलवे की हॉकर्स बेदखली मुहिम के खिलाफ आयोजित किया गया। पुलिस द्वारा रानी रश्मोनी रोड पर धरने की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद ममता बनर्जी अपने समर्थकों के साथ वाई-चैनल पर धरने पर बैठीं। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
अभिषेक पर हमले को लेकर गरमाई राजनीति
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने के दौरान उन पर ईंट, पत्थर और अंडों से हमला किया गया। इस घटना में उनकी आंख में चोट लगी। अभिषेक ने इसे भाजपा प्रायोजित हमला बताते हुए अपनी हत्या की कोशिश करार दिया। वहीं टीएमसी का दावा है कि घटना के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी।
ममता का आरोप- डर के साए में जी रहे हैं लोग
धरना मंच से ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य में आम लोग, छोटे व्यापारी और हॉकर्स भय के माहौल में जी रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे बिना उचित पुनर्वास योजना के हॉकर्स को हटाने की कार्रवाई कर रही है। उन्होंने भाजपा पर धनबल और सत्ता के दम पर टीएमसी नेताओं को तोड़ने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।
12 कार्यकर्ताओं की हत्या हुई
ममता बनर्जी ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव के बाद से टीएमसी के 12 कार्यकर्ताओं की हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि हजारों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया और कई लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अनुमति मिले या नहीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर वह गिरफ्तारी देने के लिए भी तैयार हैं।
भाजपा का पलटवार
भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने कहा कि किसी भी प्रदर्शन के लिए पुलिस की अनुमति जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि अभिषेक बनर्जी पर हमले के आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री सुर्वेद अधिकारी ने ममता बनर्जी के धरने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि "टीएमसी की स्थिति अब बेहद दयनीय हो चुकी है।"
अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले और ममता बनर्जी के धरने के बाद पश्चिम बंगाल राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और अधिक गर्मी ला सकता है।