नई दिल्ली/कोलकाता: 'INDIA' गठबंधन (INDIA bloc) की उच्च स्तरीय बैठक के ठीक एक दिन बाद, देश की राजधानी दिल्ली से लेकर कोलकाता तक भारी राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने मंगलवार (9 जून, 2026) को वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) से उनके 10, जनपथ स्थित आवास पर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बंद कमरे की बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में दोनों नेताओं ने भविष्य की राजनीतिक रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें साल 2029 के आम चुनावों (2029 General Election) के लिए एक मजबूत गठबंधन बनाने की संभावनाओं पर भी बातचीत शामिल रही।
हार के बाद पहली बंद कमरे की मुलाकात
ममता बनर्जी 'INDIA' गठबंधन की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली आई थीं, लेकिन उन्होंने सोनिया गांधी से विशेष मुलाकात के लिए दिल्ली में एक दिन और रुकने का फैसला किया। कांग्रेस पार्टी ने दोनों महिला नेताओं के बीच की इस आत्मीयता (Bonhomie) और सकारात्मक मुलाकात की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा की हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार, पार्टी कार्यकर्ताओं पर हो रहे कथित हमलों और सांसद अभिषेक बनर्जी पर बढ़ते कानूनी शिकंजे के बाद सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच यह पहली आधिकारिक और बंद कमरे की बैठक थी।
क्रोनोलॉजी समझिए: दिल्ली में बैठक, कोलकाता में सीआईडी की एंट्री
इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात के बीच एक बड़ा विवाद तब खड़ा हो गया, जब ठीक इसी समय कोलकाता में पश्चिम बंगाल सीआईडी (CID) ने ममता बनर्जी के आवास के पास स्थित तृणमूल कांग्रेस के केंद्रीय मुख्यालय पर छापेमारी शुरू कर दी। सीआईडी अधिकारी सर्च वारंट लेकर दफ्तर के भीतर फाइलों को खंगालने पहुँच गए।
टीएमसी ने लगाया राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप:इस छापेमारी को लेकर तृणमूल कांग्रेस के नवनियुक्त संयुक्त सचिव (Joint Secretary) डेरेक ओ'ब्रायन (Derek O'Brien) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक तीखा पोस्ट साझा कर केंद्र और राज्य की सत्ताधारी सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध (Political Vendetta) का आरोप लगाया।
डेरेक ओ'ब्रायन ने लिखा: "ठीक उसी समय (EXACTLY AT THE SAME TIME) जब अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी दिल्ली में श्रीमती सोनिया गांधी के साथ बैठक कर रही थीं, सीआईडी कोलकाता में टीएमसी पार्टी मुख्यालय से सटे आवास में जबरन घुसने की कोशिश कर रही थी। पहले वोट लूटो, अब एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी की फाइलें लूटो। क्या यही लोकतंत्र है? मुख्य प्रवेश द्वार को सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों से पाट दिया गया है।"
2029 की तैयारियों में जुटा विपक्ष
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक तरफ जहाँ तृणमूल कांग्रेस बंगाल के भीतर चौतरफा कानूनी और राजनीतिक संकट से घिरी हुई है, वहीं दूसरी तरफ ममता बनर्जी दिल्ली में सोनिया गांधी के साथ मिलकर भविष्य (2029) के लिए जमीन तलाशने में जुट गई हैं। हालांकि, दिल्ली में हो रही इस सियासी दोस्ती के बीच कोलकाता में सीआईडी की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने राज्य के राजनीतिक तापमान को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है।