कोलकाता: कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन (साल्ट लेक स्टेडियम) के सामने लगी एक विवादित मूर्ति को हटाए जाने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर गरमागरम बहस छिड़ गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के समय लगी इस मूर्ति को नई सरकार द्वारा 'अजीबोगरीब' (বিদঘুটে) बताते हुए ढहा दिया गया है। अपनी कलाकृति के इस हश्र पर राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गहरा दुख व्यक्त किया है और वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोला है।
"मेरा दिल टूट गया" — ममता बनर्जी
रविवार दोपहर को फेसबुक लाइव के जरिए जनता से मुखातिब होते हुए ममता बनर्जी ने इस कदम की कड़ी निंदा की। उन्होंने भावुक होते हुए कहा:
> "मुझे बहुत बुरा लगा है। मैंने खुद इसका लोगो डिजाइन किया था और एक बेहतरीन आर्टिस्ट से इसे तैयार करवाया था। सिर्फ अपनी खुद की स्टैच्यू लगाने के लिए उन्होंने इसे तोड़कर मलबे में मिला दिया? यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।"
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि नई सरकार को उनसे राजनीतिक दुश्मनी हो सकती है, लेकिन इस कलाकृति से खेल प्रेमियों का जुड़ाव था। उन्होंने कहा, "मुझसे गुस्सा हो सकता है, लेकिन छोटे-छोटे भाई-बहन और खेल प्रेमी वहां जाकर सेल्फी लेते थे। जब फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप हुआ था, तब विदेशी मेहमानों ने भी इस मूर्ति की तारीफ की थी। लेकिन सिर्फ अपना नाम चमकाने के लिए इसे तोड़ दिया गया।"
खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने बताया था 'अजीबोगरीब'
गौरतलब है कि राज्य के नए खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने पिछले दिनों युवा भारती स्टेडियम में आईएसएल (ISL) डार्वि मैच देखने के दौरान इस मूर्ति को लेकर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने साफ कहा था कि साल्ट लेक स्टेडियम के गौरवमयी इतिहास और उसकी खूबसूरती को बिगाड़ने वाली इस 'अजीबोगरीब' मूर्ति को वहां नहीं रहने दिया जाएगा। खेल मंत्री के इस बयान के बाद शुक्रवार को मूर्ति को पूरी तरह हटा दिया गया।हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन हुआ है, जिसके बाद से ही इस मूर्ति को हटाने के कयास लगाए जा रहे थे। इस घटना ने अब बंगाल की राजनीति में 'कला बनाम राजनीति' के एक नए विवाद को जन्म दे दिया है।