कोलकाता: पश्चिम बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने मीनार मंडल की गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति और कथित जमीन घोटाले को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान भूमि एवं भूमि राजस्व विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ और अब कार्रवाई आगे बढ़ने के साथ कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। इस दौरान उन्होंने अनुब्रत मंडल, मदन मित्र, तसलीमा नसरीन की वापसी और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
भूमि विभाग में भ्रष्टाचार के लगाए आरोप
दिलीप घोष ने दावा किया कि पिछली सरकार के समय बीएलआरओ (BLRO) कार्यालय भ्रष्टाचार का केंद्र बन गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही जमीन का कई बार रजिस्ट्रेशन किया गया और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा कर होटल व रिसॉर्ट बनाए गए। उनके मुताबिक इस पूरे मामले में टुलू मंडल का नाम भी सामने आ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उस समय दूसरे मंत्रियों के पास निर्णय लेने की शक्ति नहीं थी और पूरे सिस्टम पर कुछ चुनिंदा लोगों का नियंत्रण था।
बारिक विश्वास का नाम आने पर क्या बोले?
बारिक विश्वास का नाम सामने आने पर दिलीप घोष ने कहा कि यह पूरा मामला एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। उनका आरोप था कि इस कथित नेक्सस की कड़ियां अंततः कालीघाट तक पहुंचती हैं। उन्होंने कहा कि अभी सिर्फ एक मामले में कार्रवाई हुई है, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर कई और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। उनके अनुसार यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है।
अनुब्रत मंडल के नेटवर्क पर साधा निशाना
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि अनुब्रत मंडल के समय जिले-जिले में ऐसे लोगों का नेटवर्क तैयार किया गया था, जो कथित तौर पर पैसे इकट्ठा कर ऊपर तक पहुंचाते थे। उन्होंने दावा किया कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने इन मामलों की खबरें दबाने का भी काम किया। घोष ने कहा कि सरकार बदलने के बाद जांच एजेंसियां और पुलिस अब उन मामलों तक पहुंच रही हैं, जहां पहले कार्रवाई नहीं हो पा रही थी।
मदन मित्र के बयान पर पलटवार
मदन मित्र के 'श्मशान जाने' वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि अभी कई मामलों की जांच बाकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यू टाउन में एक होटल पर अवैध कब्जा किया गया है और इस मामले में भी पुलिस से कार्रवाई कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि अभी शिकायतों की शुरुआत ही हुई है और आने वाले समय में कई और मामलों का खुलासा होगा। उनका दावा था कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
तृणमूल को बताया 'जगाखिचड़ी' पार्टी
दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस को 'जगाखिचड़ी' पार्टी बताते हुए कहा कि यदि राज्य में पूरी तरह निष्पक्ष चुनाव होते तो पार्टी का प्रदर्शन अलग होता। उन्होंने 'फलता मॉडल' का जिक्र करते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। साथ ही कहा कि भाजपा जनता के जनादेश के साथ विकास कार्यों पर ध्यान दे रही है और विपक्ष की अंदरूनी राजनीति से उसका कोई लेना-देना नहीं है।
ऋतब्रत गुट के विवाद पर उठाए सवाल
बर्धमान में ऋतब्रत गुट से वोट वापस मांगने की घटना पर दिलीप घोष ने कहा कि बिना किसी ठोस प्रमाण के यह कहना सही नहीं है कि संबंधित लोगों ने तृणमूल को ही वोट दिया था। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक नाटक करार देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं से जनता को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने लोगों से तथ्यों के आधार पर ही राय बनाने की अपील की।
तसलीमा नसरीन की वापसी पर दिया बयान
तसलीमा नसरीन की संभावित वापसी के सवाल पर दिलीप घोष ने कहा कि यदि सरकार चाहे तो वह भारत और पश्चिम बंगाल वापस आ सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने उन्हें राज्य में रहने का अवसर नहीं दिया। घोष ने कहा कि भारत लोकतांत्रिक देश है और यदि अन्य देशों से लोग यहां शरण ले सकते हैं तो तसलीमा को भी आने का अधिकार मिलना चाहिए।
भारत-ब्राजील मैच को लेकर भी की टिप्पणी
3 अक्टूबर को प्रस्तावित भारत-ब्राजील फुटबॉल मैच पर दिलीप घोष ने कहा कि उन्हें अब तक कोई निमंत्रण नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि यदि आमंत्रित किया जाएगा तो वह जरूर जाएंगे। साथ ही उन्होंने मेसी के बंगाल दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि अब ब्राजील की टीम के आने से बंगाल के फुटबॉल को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
हुमायूं कबीर पर कसा तंज
हुमायूं कबीर के चेक बाउंस होने के मामले पर दिलीप घोष ने व्यंग्यात्मक अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति बार-बार अपने बयानों से पलटता रहता है, उसके चेक का बाउंस होना कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने इस मुद्दे पर विपक्षी नेताओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए।