मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में प्रशासन और पुलिस ने बाल विवाह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग लड़कियों की शादी होने से रोक दी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस और सीडीपीओ की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि सरकार बाल विवाह को खत्म करने और बेटियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुर्शिदाबाद में 16 वर्षीय लड़की की शादी रोकने में मिली सफलता
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के मुताबिक, 9 सितंबर को समशेरगंज थाना क्षेत्र के गाजी नगर में एक 16 वर्षीय लड़की का बाल विवाह कराया जाने वाला था। सूचना मिलने के बाद पुलिस और संबंधित अधिकारियों ने समय रहते कार्रवाई की और नाबालिग को सुरक्षित बचा लिया। इसके बाद मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
काजी समेत संबंधित लोगों पर मामला दर्ज, पिता गिरफ्तार
बाल विवाह की कोशिश के मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। कार्रवाई के तहत निकाह कराने वाले काजी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया, जबकि नाबालिग लड़की के पिता को गिरफ्तार किया गया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद लड़की को काउंसलिंग के लिए बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया गया।
10 सितंबर को फिर बाल विवाह की कोशिश नाकाम
प्रशासन की सतर्कता का एक और उदाहरण 10 सितंबर को देखने को मिला, जब पुलिस टीम ने एक अन्य नाबालिग लड़की के संभावित बाल विवाह को भी समय रहते रोक दिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद नाबालिग को सुरक्षा और आवश्यक देखभाल के लिए बाल कल्याण समिति की निगरानी में रखा गया।
बाल विवाह के खिलाफ सरकार का जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार बाल विवाह के मामले में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी। उन्होंने बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा के अधिकार और बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि कानून के प्रभावी पालन के साथ सामाजिक जागरूकता के जरिए बाल विवाह जैसी कुप्रथा को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में लगातार काम किया जाएगा।