कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ ही राज्य सचिवालय 'नाबन्ना' की सूरत और सीरत दोनों पूरी तरह बदल चुकी हैं। कभी जिन कमरों से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर मंत्रियों की हुकूमत चलती थी, वहां अब भाजपा सरकार के नए मंत्रियों का कब्जा हो चुका है। हालांकि, पूर्ववर्ती सरकार के मंत्रियों पर लगे भ्रष्टाचार के दागों का असर ऐसा है कि नए मंत्री उन कमरों में बैठने से पहले बकायदा पूजा-पाठ और 'शुद्धिकरण' करवा रहे हैं, ताकि किसी भी तरह की 'कुकर्मी परछाई' या 'कुकुनजर' से बचा जा सके।
पार्थ चटर्जी का कमरा देख 'सहम' गए नए मंत्री विशाल लामा
नाबन्ना की पहली मंजिल पर स्थित कमरा नंबर 101, कभी शिक्षक भर्ती घोटाले में जेल की हवा खा रहे पूर्व शिक्षा व उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी का दबदबा वाला ठिकाना हुआ करता था। बुधवार को हुए कैबिनेट विभागों के बंटवारे के बाद, शुक्रवार को गृह व पर्वतीय मामलों और अल्पसंख्यक मामलों के नवनियुक्त राज्य मंत्री (MoS) विशाल लामा पहली बार अपने इस अलॉटेड केबिन का निरीक्षण करने पहुंचे। जैसे ही विशाल लामा को पता चला कि इसी केबिन में बैठकर कभी पार्थ चटर्जी भ्रष्टाचार की गद्दी चलाते थे, वे एक पल के लिए सहम गए। उन्होंने तुरंत इस कमरे के 'शुद्धिकरण' की इच्छा जताई। राज्य मंत्री ने साफ कहा:"कोई भी नया और शुभ काम शुरू करने से पहले पूजा-पाठ करना हमारी सनातन परंपरा है। जब मैं पहली बार विधायक बना था, तब भी मैंने अपने दफ्तर में पूजा की थी। इस कमरे के इतिहास को देखते हुए पहले इसे पूरी तरह शुद्ध करना बेहद जरूरी था।" इसके बाद बकायदा पंडित जी को बुलाकर पूरे केबिन में गंगाजल छिड़का गया, मंत्रोच्चार के साथ वैदिक पूजा-अर्चना की गई और फिर राज्य मंत्री ने अपनी कुर्सी संभाली।
"भ्रष्टाचारी की कुर्सी पर नहीं बैठूंगी" — राज्य मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती की जिद
बदलाव की ऐसी ही एक और दिलचस्प तस्वीर नाबन्ना के दूसरे हिस्से में देखने को मिली। सूचना एवं संस्कृति और पर्यटन विभाग की नवनियुक्त राज्य मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती जैसे ही अपने आवंटित कमरे में दाखिल हुईं, उन्होंने सबसे पहले वहां रखी मुख्य कुर्सी को बदलने की मांग कर दी। दरअसल, इस कमरे का इस्तेमाल पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार में पर्यटन विभाग के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन किया करते थे, जिन पर और उनकी पत्नी पर भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप लग चुके हैं और एफआईआर (FIR) भी दर्ज है। पुरानी कुर्सी पर बैठने से साफ इनकार करते हुए मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती ने कहा:
अंधकार में धकेलने का आरोप: "इस कमरे में जो पूर्व मंत्री बैठते थे, उन्होंने कई 'कीर्तिमान' (घोटाले) रचे हैं। उन्होंने बंगाल को सिर्फ अंधकार में धकेलने का काम किया है।"
कुर्सी से परहेज: "मैं ऐसे किसी दागी व्यक्ति की इस्तेमाल की हुई कुर्सी पर कतई नहीं बैठूंगी, न ही उनकी किसी नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अपने काम पर पड़ने दूंगी।"
मंत्री की इस जिद के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत उस पुरानी कुर्सी को केबिन से हटवाया और उसकी जगह पूरी तरह से नई कुर्सी की व्यवस्था की गई, जिसके बाद ही उन्होंने अपना सरकारी कार्यभार संभाला। नवान्न के गलियारों में नए मंत्रियों के इस 'शुद्धिकरण अभियान' और 'अछूत कुर्सियों' की चर्चाएं इस समय सबसे ज्यादा गर्म हैं।