कोलकाता: पूर्व रेलवे ने यात्री सुरक्षा और बेहतर रेल संचालन के लिए सियालदह डिवीजन में एक बड़ा मेगा-ड्राइव सफलतापूर्वक पूरा किया। इस विशेष अभियान के तहत दो खतरनाक लेवल क्रॉसिंग को स्थायी रूप से बंद कर आधुनिक अंडरपास बनाए गए।
दो लेवल क्रॉसिंग हमेशा के लिए खत्म
रेलवे अधिकारियों के अनुसार बेलडांगा-सरगाछी सेक्शन के गेट नंबर 119/E और देवग्राम-पागला चंडी सेक्शन के गेट नंबर 98/T को पूरी तरह हटाया गया है। इनकी जगह आरसीसी अंडरपास बनाए गए हैं, जिससे सड़क और रेल यातायात अलग हो गया है और दुर्घटनाओं का खतरा काफी कम होगा।
रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ निर्माण कार्य
रेलवे की इंजीनियरिंग टीम ने भारी क्रेन, पोकलेन मशीनों और आधुनिक उपकरणों की मदद से सीमित समय में निर्माण कार्य पूरा किया। इस दौरान कई आरसीसी बॉक्स और बेस स्लैब लगाए गए, साथ ही अंडरपास को जलभराव से बचाने के लिए आधुनिक वॉटरप्रूफिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया।
ट्रैक और बिजली व्यवस्था का भी आधुनिकीकरण
मेगा-ब्लॉक के दौरान पुराने रेल ट्रैकों को बदलकर मजबूत 60 किलोग्राम मानक ट्रैक लगाए गए। इसके साथ ही ओवरहेड बिजली लाइनों और अन्य तकनीकी उपकरणों का भी अपग्रेडेशन किया गया, जिससे ट्रेनों की गति और सुरक्षा दोनों में सुधार होगा।
देवग्राम स्टेशन पर शुरू हुई डिजिटल सिग्नलिंग
देवग्राम स्टेशन को आधुनिक Siemens MK-II इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। यह डिजिटल सिग्नलिंग व्यवस्था 35 ट्रेन रूट्स को सुरक्षित और स्वचालित तरीके से नियंत्रित करेगी, जिससे ट्रेन संचालन पहले से अधिक सुचारु और सुरक्षित होगा।
यात्रियों को मिलेगा तेज और सुरक्षित सफर
सियालदह डिवीजन के डीआरएम राजीव सक्सेना ने कहा कि इस अभियान से ट्रेनों को अब लेवल क्रॉसिंग के कारण रुकना या धीमा नहीं होना पड़ेगा। इससे यात्रियों को समय पर, सुरक्षित और अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।
आधुनिक रेल नेटवर्क की दिशा में बड़ा कदम
पूर्व रेलवे का यह अभियान आधुनिक और सुरक्षित रेल नेटवर्क की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। रेलवे का दावा है कि इससे ट्रेनों की समयपालन क्षमता बढ़ेगी और यात्रियों की दैनिक यात्रा पहले से अधिक आसान और सुगम होगी।