पश्चिम बंगाल : में महिलाओं के लिए चलाई जा रही वित्तीय सहायता योजना 'लक्ष्मी भंडार' में एक बेहद चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीधे तौर पर नाम लिए जाने के कुछ ही घंटों बाद, बहरामपुर थाना पुलिस ने राकिबुल शेख नाम के एक शख्स को हिरासत में ले लिया है। आरोप है कि महिलाओं के लिए तय की गई सरकारी सहायता राशि पिछले कई महीनों से इस पुरुष के बैंक खाते में ट्रांसफर हो रही थी।बुधवार को राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सचिवालय (नबन्ना) में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में करीब 30 लाख फर्जी (Fake) बैंक खातों में योजना का पैसा भेजा जा रहा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल घुसपैठिए ही नहीं, बल्कि कई पुरुषों के खातों में भी 'लक्ष्मी भंडार' का पैसा जा रहा है। इसी सिलसिले में उन्होंने बहरामपुर के राकिबुल का उदाहरण देते हुए कहा, *"इस योजना का पैसा केवल राष्ट्रवादी भारतीय महिलाओं को ही मिलेगा, किसी राकिबुल को नहीं।"
कौन है राकिबुल शेख और क्या है उसका दावा?
जानकारी के अनुसार, राकिबुल शेख मुर्शिदाबाद के बहरामपुर इलाके का रहने वाला है और वहां उसका एक छोटा सा होटल है। पेशे से व्यवसायी राकिबुल के बैंक खाते में पिछले काफी समय से हर महीने नियमित रूप से 'लक्ष्मी भंडार' की राशि जमा हो रही थी।
पुलिस हिरासत में लिए जाने से पहले राकिबुल ने इस पर सफाई देते हुए कहा:
"मुझे नहीं पता कि यह पैसा मेरे खाते में कैसे आने लगा। मैंने कभी लक्ष्मी भंडार योजना के लिए आवेदन नहीं किया था और न ही मेरा राजनीति से कोई लेना-देना है। हां, जब शुरुआती महीनों में यह पैसा आया, तब मैं गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, इसलिए मैंने वो पैसे बैंक से निकाल लिए थे।"
राकिबुल ने आगे बताया कि बाद में जब उसे पता चला कि यह पैसा लक्ष्मी भंडार योजना का है, तो उसने स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों को इसकी जानकारी दी थी। लेकिन उसे कहा गया कि 'पैसा आ रहा है तो निकाल लो।' राकिबुल का दावा है कि ग्राम पंचायत प्रधान ने भी इस मामले में कभी कुछ नहीं कहा। हालांकि, उसने स्वीकार किया कि जो उसने किया वह गलत था।
वोटर लिस्ट से गायब है नाम, मामला ट्रिब्यूनल में
जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। आरोपी राकिबुल शेख और उसकी पत्नी सुल्ताना परवीन का नाम एसआईआर (SIR) के बाद मतदाता सूची (Voter List) से हटा दिया गया है। फिलहाल यह पूरा मामला ट्रिब्यूनल के समक्ष विचाराधीन है। बहरामपुर थाना पुलिस अब राकिबुल से कड़ाई से पूछताछ कर रही है कि बिना आवेदन किए और पुरुष होने के बावजूद उसके खाते में यह सरकारी फंड कैसे और किसके जरिए ट्रांसफर हो रहा था।
अब सिर्फ वैध महिला नागरिकों को ही मिलेगी 'अन्नपूर्णा योजना'
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ कर दिया है कि गैर-भारतीयों (घुसपैठियों) और पुरुषों के खातों को इस योजना से तुरंत बाहर किया जाएगा। सरकार ने खातों की छंटनी और स्क्रूटनी की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ही नए सिरे से फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू की है। मुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में कहा कि भविष्य में इस योजना (जिसका नाम अब अन्नपूर्णा योजना किया जा रहा है) का लाभ केवल और केवल देश की वैध महिला नागरिकों को ही दिया जाएगा।