कोलकाता/दक्षिणेश्वर: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद नवनिर्वाचित विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) रथींद्र बोस ने प्रसिद्ध दक्षिणेश्वर मां भवतारिणी मंदिर का दौरा किया। फलाहारिणी अमावस्या के पावन अवसर पर उन्होंने मां भवतारिणी के चरणों में अंजलि अर्पित की और विशेष पूजा-अर्चना की। वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए दक्षिणेश्वर थाने की ओर से मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पूजा संपन्न करने के बाद मीडिया से बातचीत में स्पीकर ने कहा कि उन्होंने राज्य के लोगों के सुख, शांति और समृद्धि के लिए मां से प्रार्थना की है।
‘घर वापसी’ के मुद्दे पर दिया बड़ा बयान
मीडिया से बातचीत के दौरान जब विधानसभा के भीतर तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी नेताओं के बीच ‘घर छोड़ने’ वाले मुद्दे पर सवाल पूछा गया, तो स्पीकर रथींद्र बोस ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अतीत में जब राज्य में तृणमूल कांग्रेस की सरकार थी, तब कई भाजपा कार्यकर्ताओं को अपने घर छोड़ने पड़े थे। उन्होंने विपक्ष से अपील करते हुए कहा, “आज की परिस्थिति में हम विपक्ष से कह रहे हैं कि वे अपने कार्यकर्ताओं को वापस अपने घरों में लाएं।” स्पीकर का यह बयान राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में काफी अहम माना जा रहा है।
निष्पक्षता को लेकर बढ़ी राजनीतिक चर्चा
विधानसभा चुनाव के बाद बदले राजनीतिक माहौल में स्पीकर रथींद्र बोस की भूमिका को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव की स्थिति देखने को मिलती रही है। ऐसे में अब राजनीतिक विश्लेषकों और आम जनता की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नवनिर्वाचित स्पीकर विपक्ष को कितनी अहमियत देते हैं और विधानसभा की कार्यवाही को कितनी निष्पक्षता और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाते हैं।