कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में उद्योग, निवेश और रोजगार को लेकर बड़ा संकेत दिया है। सरकार का कहना है कि सिंगूर में एक बार फिर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे और टाटा समूह को भी राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही उद्योग क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों की पृष्ठभूमि की सख्त जांच और बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट (BGBS) के खर्चों की जांच कराने की भी घोषणा की गई है।
सिंगूर की जमीन पर खेती भी नही, उद्योग भी नही
सरकार ने कहा कि सिंगूर की वह जमीन अब राज्य सरकार के नियंत्रण में नहीं है। पिछली सरकार ने जमीन का स्वामित्व किसानों को वापस सौंप दिया था। हालांकि दावा किया गया कि वर्तमान में उस जमीन पर न तो सरसों, आलू और धान की खेती हो पा रही है और न ही मछली पालन संभव है। सरकार का कहना है कि जमीन में पूर्व औद्योगिक ढांचे के अवशेष अब भी मौजूद हैं, जिसके कारण उसका पूर्ण उपयोग नहीं हो पा रहा है।
उद्योग और निवेश से आगे बढ़ेगा बंगाल
उद्योग विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए उद्योग और निवेश सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। सरकार राज्य में नए निवेश को आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए व्यापक योजना पर काम कर रही है।
बेरोजगारी दूर करने के लिए ‘त्रिस्तरीय मॉडल’
सरकार ने रोजगार सृजन के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों पर जोर दिया है। इसमे सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देना और कृषि व लघु उद्योग क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर तैयार करना शामिल है। सरकार का दावा है कि यदि इस मॉडल को प्रभावी ढंग से लागू किया गया तो बेरोजगारी में कमी आएगी और दूसरे राज्यों में काम करने गए प्रवासी श्रमिक भी पश्चिम बंगाल लौट सकेंगे।
निवेशको की होगी कड़ी जांच
सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य मे निवेश करने आने वाले उद्योगपतियों और कंपनियों की पृष्ठभूमि की जांच की जाएगी। यह देखा जाएगा कि संबंधित निवेशक के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी, भूमि घोटाले या किसी अन्य प्रकार की जांच तो नहीं चल रही है। इसके अलावा यह भी परखा जाएगा कि जिन कंपनियों ने पहले राज्य में जमीन ली थी, उन्होंने वास्तव में कोई उद्योग स्थापित किया या नहीं। सरकार उन निवेशकों को प्राथमिकता देगी जो वास्तविक निवेश और रोजगार सृजन की स्पष्ट योजना लेकर आएंगे।
22 जुलाई के बजट मे उद्योग क्षेत्र को मिल सकते हैं बड़े ऐलान
सरकार ने संकेत दिया है कि 22 जुलाई को पेश होने वाले राज्य बजट में उद्योग और निवेश से जुड़े कई सकारात्मक प्रस्ताव और नई पहलें शामिल की जा सकती हैं। इससे राज्य में औद्योगिक माहौल को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
BGBS पर खर्च हुए 635 करोड़ रुपये की होगी जांच
सरकार ने बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट (BGBS) को लेकर भी बड़ा आरोप लगाया है। दावा किया गया कि आयोजन के लिए एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को 635 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। सरकार ने इस पूरे मामले की जांच कराने और जरूरत पड़ने पर मुकदमा दर्ज करने की बात कही है। साथ ही धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के पहलुओं की जांच के लिए मामले को संबंधित एजेंसियों को सौंपने का भी संकेत दिया गया है।