कोलकाता: पश्चिम बंगाल में वोट के बाद हिंसा का माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। इसी बीच सोनारपुर में हिंसा प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी खुद हमले का शिकार हो गए। आरोप है कि तृणमूल कार्यकर्ता के घर में प्रवेश के दौरान प्रदर्शनकारियों ने उन पर हमला कर दिया। अभिषेक के सिर, गर्दन और शरीर पर थप्पड़ और घूंसे मारे गए, साथ ही अंडे, जूते और ईंट-पत्थर फेंके गए।
अभिषेक पर हमले के बाद तृणमूल का पुलिस पर सवाल
घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। बेलियाघाटा से तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने कहा कि अभिषेक बनर्जी जैसे शीर्ष नेता की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक बेहद चिंताजनक है।
कुणाल घोष ने कहा
सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हमला और बदसलूकी की हम कड़ी निंदा करते हैं। पुलिस प्रशासन क्या कर रहा था? अभिषेक को घेरकर इतना देर तक तांडव क्यों चलने दिया गया? उन्होंने सुरक्षा में चूक को गंभीर बताते हुए राजीव गांधी हत्याकांड का भी जिक्र किया।
ममता के निर्देश पर सोनारपुर पहुंचे तृणमूल नेता
अभिषेक बनर्जी के घायल होने की खबर मिलते ही तृणमूल नेतृत्व हरकत में आ गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर वरिष्ठ मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय और चंद्रिमा भट्टाचार्य तुरंत सोनारपुर के लिए रवाना हुए। घटना के समय दोनों नेता कालीघाट में मौजूद थे।
‘वे मुझे मारना चाहते हैं, मार दें’: अभिषेक बनर्जी
विरोध और हमले के बीच किसी तरह पार्टी कार्यकर्ता के घर पहुंचे अभिषेक बनर्जी ने भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह मृत कार्यकर्ता के परिवार को छोड़कर नहीं जाएंगे। अभिषेक ने कहा, "वे मुझे मारना चाहते हैं, मार दें। मैं यहां से नहीं जाऊंगा। संजू के बुजुर्ग माता-पिता को छोड़कर कहीं नहीं जाऊंगा। यहां पुलिस नहीं है, मैंने एसपी और आईसी को सूचना देने के लिए कहा है, लेकिन अब तक कोई बल नहीं पहुंचा।"
सीपीएम ने भी दी प्रतिक्रिया
सोनारपुर की घटना पर सीपीएम के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की घटनाएं स्वीकार्य नहीं हैं, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी भी मर्यादित होनी चाहिए। सलीम ने कहा,"आज की घटना भी उचित नहीं है और लोकतंत्र में इस तरह की स्थिति नहीं होनी चाहिए।"
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष शमिक की अपील- ‘हिंसा बंद हो’
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने सोनारपुर की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सभी राजनीतिक दलों और समर्थकों से हिंसा छोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा, "पुलिस क्यों नहीं थी, इसका जवाब राज्य सरकार दे सकती है। सभी को हिंसा से दूर रहना चाहिए।" हालांकि, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल सरकार के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं पर कई बार हमले हुए हैं, लेकिन पार्टी ने संयम बनाए रखा।
हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी
हमले के बाद अभिषेक बनर्जी ने इस मामले को अदालत तक ले जाने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ मौजूद महिला सहयोगियों के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। अभिषेक ने कहा,"आज मेरा सिर दो टुकड़ों में बंट सकता था। मेरी आंखों में सात बार ऑपरेशन हुआ है। अगर बीजेपी इस घटना में शामिल नहीं है तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? मैं हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों जाऊंगा।"
बंगाल की राजनीति में फिर बढ़ा तनाव
सोनारपुर की इस घटना के बाद बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। तृणमूल जहां इसे विपक्ष की साजिश बता रही है, वहीं बीजेपी सरकार और प्रशासन पर सवालों से दूरी बनाती नजर आ रही है। अब इस पूरे मामले में प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।