कोलकाता: राज्य के सबसे बड़े सरकारी सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में शामिल एसएसकेएम (SSKM) अस्पताल में गुरुवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, स्वास्थ्य सचिव, मेडिकल डायरेक्टर, अस्पताल प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि और पेशेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का आकलन करना था।
ओपीडी, इमरजेंसी और बेड प्रबंधन पर हुई विस्तृत समीक्षा
सूत्रों के अनुसार बैठक में अस्पताल की ओपीडी सेवाओं, इमरजेंसी विभाग, बेड उपलब्धता, ऑपरेशन थिएटर प्रबंधन, डायग्नोस्टिक सुविधाओं तथा दवा वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अस्पताल में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या और बढ़ते दबाव को संभालने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि किसी भी मरीज को इलाज के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े और गंभीर मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए।
पेशेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने उठाए कई महत्वपूर्ण मुद्दे
बैठक के दौरान पेशेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने मरीजों और उनके परिजनों से जुड़े कई मुद्दों को प्रशासन के सामने रखा। उन्होंने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई में सुधार, सहायता केंद्रों की कार्यप्रणाली को मजबूत करने, प्रतीक्षा समय कम करने और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने की मांग की। इसके साथ ही दूर-दराज से आने वाले मरीजों के लिए सुविधाओं का विस्तार करने और शिकायतों के त्वरित निपटारे की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
स्वास्थ्य सचिव और अधिकारियों को दिए विशेष निर्देश
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्वास्थ्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों को अस्पताल की सेवाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने डिजिटल पंजीकरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने, ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने तथा अस्पताल प्रबंधन में आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता आम नागरिकों को सुलभ, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
आधुनिक तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था पर भी फोकस
बैठक में अस्पताल में नई चिकित्सा तकनीकों, अत्याधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता को लेकर भी चर्चा की गई। मेडिकल डायरेक्टर ने बताया कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विभिन्न विभागों में सुविधाओं के विस्तार और संसाधनों को मजबूत करने की योजना पर कार्य चल रहा है। इसके अलावा अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था, आपदा प्रबंधन प्रणाली और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भी कई सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया।
मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य व्यवस्था पर सरकार का जोर
बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि राज्य सरकार सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर और समयबद्ध चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए नियमित समीक्षा और निगरानी की व्यवस्था जारी रखी जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर हो सके।