कोलकाता: भाजपा की संगठनात्मक बैठक के दूसरे चरण में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों को नई जिम्मेदारियों के साथ काम करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा अब विपक्ष की भूमिका में नहीं बल्कि सत्ता में है, इसलिए कार्यकर्ताओं और नेताओं को अपने आचरण और कार्यशैली में बदलाव लाना होगा। बैठक में समिक भट्टाचार्य, दिनेश नंद गोस्वामी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल उत्तर बंगाल से दक्षिण बंगाल तक संगठन के कार्यकर्ताओं को भलीभांति जानते हैं। उन्होंने बताया कि सात विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें एक अतिरिक्त विषय भी जोड़ा गया है।
“मैं नहीं, हम” की भावना से काम करने का आह्वान
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि जनता ने भाजपा पर भरोसा जताकर सत्ता सौंपी है और सरकार संकल्प पत्र में किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल राजनीतिक रूप से बेहद जागरूक राज्य है, इसलिए यहां की परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि 34 वर्षों के वाम शासन और 15 वर्षों के तृणमूल शासन की मानसिकता से बाहर निकलकर नई सोच के साथ काम करना होगा। साथ ही संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया।
315 शहीद कार्यकर्ताओं के परिवारों को सहायता का ऐलान
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के संघर्ष में 315 कार्यकर्ताओं ने अपना बलिदान दिया। उनके सम्मान में शोक प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने घोषणा की कि मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक शहीद कार्यकर्ता के परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को नौकरी या रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।
सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ पर बड़ा दावा
सीमा सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि बीएसएफ को भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अब तक लगभग 1000 किलोमीटर क्षेत्र से संबंधित भूमि उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने दावा किया कि अवैध रूप से रह रहे लोगों को वापस भेजने का अभियान चल रहा है। उनके अनुसार 836 लोग वर्तमान में होल्डिंग सेंटर में हैं, जबकि 4000 से अधिक लोगों को उनके देश वापस भेजा जा चुका है।
अगस्त से शुरू होगी जनगणना, जातीय गणना भी होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से रुकी जनगणना की प्रक्रिया को फिर से शुरू किया जा रहा है। अगस्त महीने से घर-घर जाकर जनगणना का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके आधार पर भविष्य में परिसीमन की प्रक्रिया भी होगी। साथ ही राज्य में पहली बार जातीय जनगणना भी कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत कानून व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
भ्रष्टाचार पर निशाना, आयुष विभाग की घोषणा
सुवेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जहां भी जांच की जा रही है, वहां अनियमितताओं के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने राज्य में केंद्र सरकार की तर्ज पर आयुष विभाग शुरू करने की घोषणा भी की। साथ ही ब्रिगेड परेड ग्राउंड में जेल निर्माण की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
20 जून को मनाया जाएगा पश्चिम बंगाल दिवस
मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 जून को पश्चिम बंगाल दिवस का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विपक्ष में रहते हुए भी भाजपा इस दिन को मनाती रही है, लेकिन अब इसका आयोजन सरकारी स्तर पर होगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 20 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तारकेश्वर के कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके लिए हुगली और आसपास के जिलों के लोगों को बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया जाएगा।
योग दिवस पर विशेष अभियान, पीएम मोदी होंगे शामिल
मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 जुलाई से विशेष अभियान शुरू होगा, जो 21 जुलाई तक चलेगा। राज्य में पहली बार सरकारी स्तर पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 9 जून को केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया राज्य के दौरे पर आएंगे। वहीं 19 जून को योग दिवस की तैयारी के तहत हाफ मैराथन आयोजित की जाएगी। 21 जून के मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की भी जानकारी दी गई।
5 रुपये में मिलेगा मछली-भात
मुख्यमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस के उस आरोप का जवाब दिया, जिसमें कहा जाता था कि भाजपा सत्ता में आने पर लोगों को मछली खाने से रोकेगी। उन्होंने कहा कि "मां कैंटीन" और "मां आहार" योजना के तहत आम लोगों को मात्र 5 रुपये में मछली-भात उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा अगले सप्ताह से शुरू होने जा रही है।
केंद्र और राज्य मिलकर करेंगे विकास कार्य
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि केंद्र सरकार के मंत्री लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर पश्चिम बंगाल के विकास के लिए समन्वय के साथ काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो केंद्रीय मंत्री राज्य में नहीं आ पा रहे हैं, वे वर्चुअल बैठकों के जरिए योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं। साथ ही "नल से जल" जैसी केंद्रीय योजनाओं को तेजी से लागू करने पर भी जोर दिया जा रहा है।