कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपनी मंत्रिपरिषद का विस्तार कर दिया है। लोक भवन में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आर. एन. रवि की मौजूदगी में मंत्रिमंडल के शेष 35 सदस्यों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस दौरान पूर्ण मंत्री के रूप में स्वपन दाशगुप्ता, समिक भट्टाचार्य, शंकर घोष और अर्जुन सिंह समेत 13 नेताओं को कैबिनेट में जगह मिली। नई मंत्रिपरिषद के गठन के साथ ही राज्य में विकास, रोजगार, उद्योग, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों को लेकर उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। भाजपा नेतृत्व ने इन वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देकर ‘सोनार बांग्ला’ के विजन को जमीन पर उतारने का संदेश दिया है।
13 पूर्ण मंत्रियों ने ली शपथ
मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने मंत्रियों के नामों की घोषणा की। कुल 13 पूर्ण मंत्रियों के अलावा 3 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों और 19 राज्य मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की। समारोह में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी सहित सरकार और संगठन के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
स्वपन दाशगुप्ता बोले- बढ़ गई है जिम्मेदारी
रासबिहारी से विधायक और वरिष्ठ भाजपा नेता स्वपन दाशगुप्ता ने मंत्री पद की शपथ लेने के बाद कहा कि यह उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी चुनौती भी है। उन्होंने कहा, “जिम्मेदारी बढ़ गई है। आगे कई चुनौतियों का सामना करना होगा। एक नई पारी की शुरुआत हो रही है। सामान्य नागरिक से विधायक और विधायक से मंत्री बनने के बाद जिम्मेदारी स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है।” स्वपन दाशगुप्ता ने आगे कहा कि नए बंगाल को लेकर उनके मन में कई योजनाएं हैं और सभी फैसले मंत्रिमंडल में चर्चा के बाद लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के कई इलाके पिछड़ गए हैं और उन्हें फिर से विकसित करना सरकार की प्राथमिकता होगी।
उत्तर बंगाल की उम्मीद बने शंकर घोष
शिलिगुड़ी के विधायक शंकर घोष लंबे समय से उत्तर बंगाल के विकास के मुद्दों को विधानसभा में उठाते रहे हैं। भाजपा की नई सरकार में उन्हें एक महत्वपूर्ण चेहरा माना जा रहा है। मंत्री पद की शपथ लेने के बाद शंकर घोष भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “मैं मंत्री बनने के लिए राजनीति नहीं करता। मैं राजनीति से प्रेम करता हूं और उसी यात्रा के एक पड़ाव पर आज मंत्री बना हूं। जनता ने हमें यहां तक पहुंचाया है। यह जीत उन सभी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और लोगों को समर्पित है जिन्होंने बदलाव के लिए संघर्ष किया।”
अर्जुन सिंह और समिक भट्टाचार्य पर भी बड़ी जिम्मेदारी
भाजपा के वरिष्ठ नेता अर्जुन सिंह और समिक भट्टाचार्य को भी पूर्ण मंत्री का दर्जा दिया गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संगठन और जनाधार के अनुभव के कारण दोनों नेताओं को सरकार की नीतियों को प्रभावी तरीके से लागू करने में अहम भूमिका निभानी होगी। औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में इन नेताओं से बड़ी अपेक्षाएं की जा रही हैं।
‘सोनार बांग्ला’ के विजन को अमल में लाने की चुनौती
नई सरकार ने राज्य के समग्र विकास, निवेश आकर्षित करने, रोजगार बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने को अपनी प्राथमिकताओं में रखा है। ऐसे में पूर्ण मंत्री बने नेताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती चुनावी वादों को धरातल पर उतारने और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की होगी। आने वाले दिनों में इन मंत्रियों के विभागों और उनकी कार्ययोजना पर सबकी नजर रहेगी।