कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नई सरकार बने एक माह हो चुका है, लेकिन अब तक पूर्ण मंत्रिमंडल का गठन नहीं हो सका है। अब तक केवल पांच मंत्रियों ने शपथ ली है जिनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निशिथ प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू शामिल हैं। बाकी मंत्री पद अभी तक खाली हैं।
कल हो सकता है मंत्रिमंडल विस्तार
सूत्रों के अनुसार लंबे समय से चल रहा मंत्रिमंडल विस्तार का विवाद अब सुलझता नजर आ रहा है। संभावना जताई जा रही है कि राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार कल यानी सोमवार को किया जा सकता है। इसे लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
तैंतीस सदस्यीय मंत्रिमंडल की तैयारी
भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों के अनुसार इस बार राज्य मंत्रिमंडल में कुल तैंतीस सदस्य हो सकते हैं। कई नए चेहरों को शामिल किए जाने की चर्चा है और संभावित सूची को लेकर अटकलें तेज हैं।
इन नामों पर चर्चा तेज
संभावित मंत्रियों की सूची में स्वपन दासगुप्त का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। माना जा रहा है कि उन्हें शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके अलावा तपस राय, शंकर घोष, रुद्रनील घोष, शरद्वत टुडू, प्रणत टुडू, रूपा गांगुली, कल्याण चक्रवर्ती, चंदना बाउरी, जगन्नाथ चटर्जी, अशोक डिंडा और सुब्रत मैत्रा के नामों पर भी चर्चा चल रही है। हालांकि अंतिम फैसला अभी सामने नहीं आया है।
विभागों का पहले ही हो चुका है बंटवारा
अब तक पांच मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा किया जा चुका है। दिलीप घोष को पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पशुपालन विकास और कृषि विपणन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल कल्याण तथा नगर एवं ग्रामीण विकास विभाग मिला है। निशिथ प्रमाणिक को उत्तर बंगाल विकास एवं खेल विभाग, अशोक कीर्तनिया को खाद्य विभाग और खुदीराम टुडू को पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं अल्पसंख्यक मामलों का विभाग सौंपा गया है।