सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा है कि राज्य सरकार इस बार जनता की राय और जरूरतों को ध्यान में रखकर बजट तैयार करेगी। गुरुवार को सिलीगुड़ी स्थित उत्तरकन्या में उत्तर बंगाल के व्यापारियों, वाणिज्य मंडलों और विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में उन्होंने यह बात कही।
पहली बार जनसंवाद के आधार पर बजट निर्माण
बैठक के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि यह पहली बार है जब बजट तैयार करने से पहले लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओ, अपेक्षाओं और सुझावों को सुना जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि बजट केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि आम लोगों और कारोबारियों की वास्तविक जरूरतों को प्रतिबिंबित करे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “सुना है कि पहले तो ट्रेडमिल पर बजट तैयार होता था, लेकिन अब लोगों से बात करके बजट बनाया जाएगा।”
व्यापारियों की समस्याओं पर सरकार गंभीर
वित्त मंत्री ने बताया कि बैठक में व्यापारियों ने कारोबार से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और मांगों को विस्तार से रखा। उन्होंने स्वीकार किया कि सभी समस्याओं का समाधान तुरंत संभव नहीं है, लेकिन सरकार प्राथमिकता के आधार पर प्रमुख मुद्दों के समाधान की दिशा में काम करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की बैठकों का आयोजन किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोगों की राय बजट प्रक्रिया में शामिल हो सके।
जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण की मांग उठी
बैठक में व्यापारिक संगठनों ने जीएसटी से संबंधित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उत्तर बंगाल के कारोबारियों ने सिलीगुड़ी में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण स्थापित करने की मांग रखी, ताकि उन्हें छोटे-छोटे मामलो के लिए कोलकाता न जाना पड़े। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि जीएसटी व्यापारियों की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विषय को वह केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष उठाएंगे और समाधान का प्रयास करेंगे।
चाय उद्योग और आम व्यापार पर भी फोकस
बैठक के दौरान उत्तर बंगाल के चाय बागानों से जुड़ी समस्याएं भी उठाई गईं। वित्त मंत्री ने कहा कि चाय उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इससे जुड़ी चुनौतियों का चरणबद्ध तरीके से समाधान किया जाएगा। इसके अलावा मालदा के प्रसिद्ध आम व्यापार को भी विशेष महत्व देने की बात कही गई। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार कृषि और बागान आधारित उद्योगों को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
उत्तर बंगाल के विकास पर सरकार का जोर
आगामी बजट में उत्तर बंगाल के लिए विशेष प्रावधानों को लेकर पूछे गए सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि बजट पेश होने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि वर्तमान सरकार उत्तर बंगाल के विकास को कितनी प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा, “यह फिलहाल आठ महीने का बजट है। हमने सभी समस्याओं को सुना है और उनका समाधान धीरे-धीरे किया जाएगा। हमारी सरकार उत्तर बंगाल को सबसे अधिक महत्व दे रही है और इसके प्रमाण पहले भी सामने आ चुके है।”