कोलकाता: पश्चिम बंगाल के उद्योग, वाणिज्य एवं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री तापस राय ने व्यवसाई बंगाली फाउंडेशन (Babshai Bangali Foundation - BBF) द्वारा सॉल्ट लेक स्थित होटल अलेयर में आयोजित 'उत्तरण 2026' वार्षिक बिजनेस कॉन्क्लेव में राज्य के औद्योगिक विकास, नई उद्योग नीति और रोजगार सृजन को लेकर सरकार का विजन साझा किया। कार्यक्रम में उद्योगपतियों, निवेशकों और युवा उद्यमियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को फिर से देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में शामिल करने के लिए सरकार कई बड़े कदम उठा रही है। अपने संबोधन में तापस राय ने कहा कि राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार उद्योगपतियों के साथ साझेदारी की भावना से काम करेगी और निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार किया जाएगा।
उद्योगों के पलायन पर जताई चिंता
तापस राय ने कहा कि पिछले कई दशकों में प्रतिकूल माहौल, प्रशासनिक समस्याओं और उद्योगों को पर्याप्त सहयोग न मिलने के कारण पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में कंपनियां दूसरे राज्यों में चली गईं। उनके अनुसार, करीब 6,688 कंपनियां राज्य छोड़ चुकी हैं, जिससे कई औद्योगिक क्षेत्र खाली हो गए। उन्होंने कहा कि अब सरकार उन उद्योगों और निवेशकों को फिर से पश्चिम बंगाल लाने की दिशा में काम कर रही है ताकि राज्य में नए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
रोजगार के आधार पर मिलेगा इंसेंटिव
उद्योग मंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में केवल निवेश की राशि नहीं, बल्कि रोजगार सृजन को भी प्राथमिकता दी जाएगी। जो कंपनियां राज्य के युवाओं को अधिक रोजगार देंगी, उन्हें विशेष प्रोत्साहन (इंसेंटिव) दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार नई लैंड पॉलिसी, लैंड बैंक, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम को अंतिम रूप दे रही है। अगस्त-सितंबर तक इन योजनाओं को लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
उद्योगपतियों से साझेदारी का भरोसा
तापस राय ने कहा कि सरकार उद्योगपतियों के साथ "मालिक और कर्मचारी" का नहीं, बल्कि साझेदार का रिश्ता बनाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि निवेशकों को अनावश्यक प्रशासनिक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा और उद्योग विभाग हर संभव सहयोग देगा। उन्होंने यह भी कहा कि व्यापार करने के लिए पारदर्शी, सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।
'व्यवसाय में बंगाली, व्यवसायी बंगाली' का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान तापस राय ने "व्यवसाय में बंगाली, व्यवसायी बंगाली" का संदेश देते हुए कहा कि बंगाल के युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास में स्थानीय उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
प्रवासी युवाओं की वापसी पर जोर
तापस राय ने कहा कि बड़ी संख्या में बंगाली युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों और विदेशों में काम कर रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि पश्चिम बंगाल में उद्योगों का विस्तार कर ऐसे अवसर पैदा किए जाएं ताकि लोग अपने परिवार के साथ रहकर ही काम कर सकें। उन्होंने कहा कि यदि उद्योग मंत्री होने के बावजूद वे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध नहीं करा सके, तो इसे अपनी व्यक्तिगत विफलता मानेंगे।
टाटा समेत निवेशकों को दिया आमंत्रण
उद्योग मंत्री ने बताया कि टाटा समूह सहित देश-विदेश के कई निवेशकों से बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका, दुबई, जर्मनी, आयरलैंड, पोलैंड और अन्य देशों में रह रहे बंगाली उद्यमियों को भी पश्चिम बंगाल में निवेश के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य राज्य में निवेश बढ़ाकर उद्योग और रोजगार दोनों को नई गति देना है।