कोलकाता: लंबे निर्वासन के बाद बांग्ला की प्रसिद्ध लेखिका तसलीमा नसरीन अपने प्रिय शहर कोलकाता लौटीं। इस दौरान उन्होंने उत्तर 24 परगना जिले के सोदपुर स्थित पानीहाटी उच्च बालिका विद्यालय पहुंचकर महिला शिक्षा की अग्रदूत बेगम रुकैया सखावत हुसैन की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
महिला शिक्षा की अग्रदूत बेगम रुकैया को किया याद
तसलीमा नसरीन ने बेगम रुकैया के जीवन और उनके सामाजिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, स्वतंत्रता और अधिकारों के लिए बेगम रुकैया का संघर्ष आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
पानीहाटी विद्यालय में शिक्षकों और छात्राओं से मिलीं तसलीमा
बेगम रुकैया की समाधि पर श्रद्धांजलि देने के बाद तसलीमा नसरीन ने पानीहाटी उच्च बालिका विद्यालय के शिक्षकों और छात्राओं से मुलाकात की। उन्होंने विद्यालय परिसर में काफी समय बिताया और छात्राओं के साथ बातचीत की।
बांग्लादेश वापसी को लेकर जताया अफसोस
इस दौरान तसलीमा नसरीन ने अपने वतन बांग्लादेश लौटने को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनकी वापसी अभी भी अनिश्चित है। उन्होंने कट्टरपंथी सोच और धर्म के नाम पर होने वाली राजनीति को महिलाओं की स्वतंत्रता और प्रगतिशील विचारों के लिए बाधा बताया।
कोलकाता ने फिर किया अपनी प्रिय लेखिका का स्वागत
कभी जिस शहर से तसलीमा नसरीन को दूरी का सामना करना पड़ा था, उसी कोलकाता ने एक बार फिर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। बेगम रुकैया की समाधि पर उनकी मौजूदगी ने महिला अधिकारों और सामाजिक सुधार के विचारों को फिर से चर्चा में ला दिया।