कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने पार्टी की कार्यशैली और नेतृत्व को लेकर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता का भरोसा तेजी से खो रही है और हालात ऐसे ही रहे तो संगठन को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
RG Kar मामले पर सरकार को घेरा
सुखेंदु शेखर रॉय ने कोलकाता के चर्चित RG Kar अस्पताल मामले का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था। उनके मुताबिक, मामले को जिस तरीके से संभाला गया, उससे लोगों में नाराजगी और बढ़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की भावनाओं को समझने में सरकार और पार्टी दोनों असफल रहे।
भ्रष्टाचार को लेकर जताई नाराजगी
रॉय ने पार्टी के भीतर बढ़ते भ्रष्टाचार को भी बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि कई मामलों में नेताओं के खिलाफ आरोप सामने आए, लेकिन समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई। उनका मानना है कि यही वजह है कि आम लोगों के बीच पार्टी की छवि कमजोर हुई है।
I-PAC की भूमिका पर उठे सवाल
तृणमूल कांग्रेस के चुनावी अभियान में बाहरी एजेंसियों की भूमिका को लेकर भी नाराजगी सामने आई। सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा कि रणनीतिक सलाहकारों पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करने से पुराने कार्यकर्ताओं और जमीनी नेताओं की अहमियत कम हो गई। उन्होंने संकेत दिया कि इससे संगठनात्मक ढांचा प्रभावित हुआ।
पार्टी के भीतर बढ़ रही बगावत
हाल के दिनों में कई नेताओं की नाराजगी सार्वजनिक रूप से सामने आई है। कुछ नेताओं ने संगठन में लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर होने और फैसलों में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह अंदरूनी असंतोष आने वाले दिनों में पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है।
विपक्ष को मिल सकता है फायदा
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर तृणमूल कांग्रेस के भीतर यह असंतोष जारी रहता है, तो विपक्ष को इसका फायदा मिल सकता है। बंगाल की राजनीति में अगले चुनाव से पहले यह मुद्दा और ज्यादा गर्माने की संभावना जताई जा रही है।