डायमंड हार्बर: बंगाल एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बंगाल-नेपाल सीमा क्षेत्र से फलता के तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता जहांगिर खान को गिरफ्तार किया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह लंबे समय से जांच एजेंसियों की नजर में थे और गिरफ्तारी से पहले उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही थी। हालांकि उनके खिलाफ दर्ज मामले को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
कौन हैं जहांगिर खान और क्यों हैं जांच के घेरे में?
जहांगिर खान फलता क्षेत्र में स्थानीय TMC से जुड़े एक सक्रिय नेता बताए जाते हैं। पुलिस और जांच एजेंसियों का दावा है कि वह किसी मामले में फरार चल रहे थे, जिसके चलते उनकी तलाश की जा रही थी। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से पहले वह सीमावर्ती इलाके में छिपे हुए थे। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि उनके खिलाफ मुख्य आरोप क्या हैं, और जांच एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हैं।
अदालत में पेशी, 14 दिन की मांग पर मिली 5 दिन की हिरासत
गिरफ्तारी के बाद जहांगिर खान को डायमंड हार्बर एसिजेएम अदालत में पेश किया गया। फलता थाने की पुलिस ने अदालत से 14 दिन की पुलिस हिरासत की मांग की थी, लेकिन अदालत ने सुनवाई के बाद उन्हें 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
वकीलों ने किया पैरवी से इनकार, बाद में लीगल एड से मिली मदद
अदालत में उस समय स्थिति असामान्य हो गई जब डायमंड हार्बर फौजदारी अदालत के बार एसोसिएशन के किसी भी वकील ने जहांगिर खान की ओर से पैरवी करने से इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी की याचिका के आधार पर लीगल एड्स के एक वकील ने उनकी ओर से अदालत में दलील पेश की।
मामले की जांच जारी, आगे बढ़ सकती है कार्रवाई
फिलहाल जहांगिर खान पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस मामले में उनकी भूमिका क्या थी और किन परिस्थितियों में वह सीमा क्षेत्र में पहुंचे। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।