कोलकाता: पश्चिम बंगाल में व्यापार, निवेश और शहरी विकास को नई गति देने के उद्देश्य से आयोजित 'उत्तरोण 2026' बिजनेस कॉन्क्लेव में राज्य की शहरी विकास एवं नगर मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने राज्य सरकार की विकास योजनाओं और भविष्य की प्राथमिकताओं पर विस्तार से बात की। सॉल्ट लेक में आयोजित इस सम्मेलन में उन्होंने उद्योगपतियों, व्यापारियों और उद्यमियों से राज्य के विकास में भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल को निवेश, आधुनिक बुनियादी ढांचे और बेहतर नागरिक सेवाओं के माध्यम से नई पहचान देने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।
व्यापार और शहरी विकास साथ-साथ
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि व्यापार और शहरी विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। यदि शहरों का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, तो निवेश और उद्योग भी तेजी से बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार आधुनिक सड़कें, बेहतर ड्रेनेज, पेयजल और अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है।
'कम हस्तक्षेप, अधिक सेवा' सरकार की नीति
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य व्यापारियों को अनावश्यक प्रशासनिक बाधाओं से राहत देना है। उन्होंने बताया कि ट्रेड लाइसेंस, बिल्डिंग प्लान की मंजूरी और कई नागरिक सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाया जा रहा है ताकि लोगों को तेज और पारदर्शी सेवाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि एमएसएमई (MSME) क्षेत्र को भी विशेष प्राथमिकता दी जा रही है क्योंकि यही राज्य की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव है।
'स्वच्छ' ऐप और 'मुखोमुखी' पहल
अग्निमित्रा पॉल ने नागरिकों और व्यापारियों के लिए शुरू की गई डिजिटल पहलों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि 'स्वच्छ' ऐप के जरिए लोग जलजमाव, अवैध पार्किंग या सड़क पर निर्माण सामग्री जैसी समस्याओं की तस्वीर अपलोड कर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। उन्होंने दावा किया कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित निकाय दो घंटे के भीतर कार्रवाई करने का प्रयास करेगा। इसके अलावा 'मुखोमुखी' पहल के माध्यम से व्यापारी अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे।
बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर जोर
मंत्री ने बताया कि शहर की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इनमें बाईपास से राजारहाट फ्लाईओवर और कोलकाता रिंग रोड जैसी योजनाएं शामिल हैं, जिनसे ट्रैफिक दबाव कम होगा और आवागमन आसान बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि हर जिले में आधुनिक 'पीस हेवन' और इलेक्ट्रिक शवदाह गृह विकसित किए जा रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर परिवारों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
हरित ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने के लिए सरकारी भवनों और नगर निकायों में सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा जलाशयों के संरक्षण, जलकुंभी के पुनर्चक्रण और मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों से धूपबत्ती व अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार करने जैसी पर्यावरण-अनुकूल योजनाओं पर भी काम चल रहा है।
सरकार और व्यापारियों से साझेदारी का आह्वान
अपने संबोधन के अंत में अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि पश्चिम बंगाल का समग्र विकास तभी संभव है जब सरकार और उद्योग जगत मिलकर काम करें। उन्होंने व्यापारियों और निवेशकों से राज्य में निवेश बढ़ाने और "ब्रांड बंगाल" को मजबूत बनाने में सहयोग देने की अपील की।