कोलकाता/अशोकनगर: पश्चिम बंगाल में नगर पालिका भर्ती और प्रशासनिक घोटालों की जांच के बीच एक और बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। उत्तर 24 परगना जिले के अशोकनगर-कल्याणगढ़ नगर पालिका (Ashoknagar-Kalyangarh Municipality) के चेयरमैन प्रबोध सरकार को पुलिस ने रात के अंधेरे में बेहद महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों को जलाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके और राजनीतिक गलियारों में भारी सनसनी फैल गई है। भाजपा ने इसे किसी बड़े घोटाले के सबूतों को मिटाने की साजिश करार दिया है।
रात के अंधेरे में उठती लपटें और जलते दस्तावेज
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार रात चेयरमैन प्रबोध सरकार के घर के परिसर से अचानक कागज जलने की तेज गंध और धुआं निकलता देख स्थानीय लोगों को गहरा संदेह हुआ। निवासियों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय भाजपा नेतृत्व को दी। खबर मिलते ही भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग चेयरमैन के घर के बाहर जुट गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही अशोकनगर थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
दीवार फांदकर अंदर घुसी पुलिस
आरोप है कि पुलिस और स्थानीय लोगों द्वारा काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज लगाने के बाद भी घर के अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। स्थिति को संदिग्ध देखते हुए पुलिसकर्मी मजबूरन दीवार फांदकर घर के अंदर दाखिल हुए। पुलिस को अंदर आता देख चेयरमैन प्रबोध सरकार और उनकी पत्नी बाहर आए। चेयरमैन की तरफ से दलील दी गई कि वे बगीचे में केवल नारियल और सुपारी के सूखे पत्ते जला रहे थे।
हालांकि, शिकायतकर्ताओं और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जब पुलिस घटना स्थल पर पहुंची तो आग सुलग रही थी और उसमें पत्तों के बजाय नगर पालिका के कई महत्वपूर्ण फाइलों और दस्तावेजों को झोंका जा रहा था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके से कई पूरी तरह जल चुके और कुछ आधे जले हुए (आंशिक रूप से जले) सरकारी दस्तावेजों को जब्त कर अपने कब्जे में ले लिया है।
गिरफ्तारी के बाद 10 दिनों की रिमांड की मांग
चेयरमैन के घर पर सरकारी कागजात जलाए जाने की खबर फैलते ही इलाके में तनाव फैल गया, जिसे नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पुलिस ने शुरुआत में चेयरमैन प्रबोध सरकार को हिरासत में लिया और थाने लाकर कड़ी पूछताछ की। प्राथमिक जांच और पुख्ता सबूतों के आधार पर मामला दर्ज करते हुए पुलिस ने प्रबोध सरकार को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
अशोकनगर थाना पुलिस ने आरोपी चेयरमैन को 10 दिनों की पुलिस कस्टडी (रिमांड) में लेने की अर्जी के साथ बारासात अदालत (Barasat Court) में पेश किया है। पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि वे कौन से महत्वपूर्ण दस्तावेज थे जिन्हें नष्ट करने की कोशिश की जा रही थी, इसके पीछे का मुख्य उद्देश्य क्या था और क्या इस साजिश में कोई और बड़ा चेहरा भी शामिल है।