कोलकाता/बिधाननगर: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब राज्य के पूर्व शहरी विकास एवं पुर मामलों के मंत्री और कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम (Firhad Hakim) कानूनी पचड़े में फंसते नजर आ रहे हैं। महिलाओं के खिलाफ कथित रूप से अभद्र व अपमानजनक टिप्पणी करने और प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के मामले में बुधवार को बिधाननगर दक्षिण थाने में फिरहाद हकीम के खिलाफ एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। यह शिकायत बीजेपी कार्यकर्ता संजय पोयरा ने दर्ज कराई है और उन्होंने टीएमसी नेता को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है।
संदेशखाली की जनसभा का वीडियो आया सामने
थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराने के बाद मीडिया से बात करते हुए बीजेपी कार्यकर्ता संजय पोयरा ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "साल 2024 में 7 नवंबर को संदेशखाली में तृणमूल कांग्रेस की एक जनसभा के दौरान तत्कालीन मंत्री फिरहाद हकीम ने महिलाओं को बेहद आपत्तिजनक और कुरुचिकर शब्द (माल) कहकर संबोधित किया था। इसके साथ ही उन्होंने देश के प्रधानमंत्री पर भी तीखे और व्यंग्यात्मक तंज कसे थे। हमारे पास उस पूरी घटना का वीडियो फुटेज सबूत के तौर पर मौजूद है।" संजय पोयरा ने यह भी बताया कि वे उसी समय इस मामले की शिकायत करने बिधाननगर दक्षिण थाने आए थे, लेकिन तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार के दबाव में पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया था। इसलिए आज उन्होंने दोबारा आकर पूर्व मंत्री के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
धार्मिक तुष्टिकरण और भड़काऊ बयानबाजी का भी आरोप
बीजेपी कार्यकर्ता ने फिरहाद हकीम पर केवल महिलाओं के अपमान का ही नहीं, बल्कि बहुसंख्यक समाज के खिलाफ धार्मिक तौर पर भड़काऊ बयान देने का भी आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, "3 जुलाई 2024 को एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल होते हुए तत्कालीन मंत्री फिरहाद हकीम ने खुले मंच से धार्मिक तुष्टिकरण और विभाजन पैदा करने वाली बातें कही थीं। उस वक्त भी पुलिस ने हमारी शिकायत नहीं ली थी, लेकिन आज पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत दर्ज कर ली है। समाज में धार्मिक नफरत फैलाने के लिए फिरहाद हकीम की तुरंत गिरफ्तारी होनी चाहिए।"
"अब पुलिस निष्पक्ष हुई है" — बदला बंगाल का मिजाज
राज्य में प्रशासनिक और राजनीतिक बदलाव के बाद पुलिस की बदली हुई भूमिका की तारीफ करते हुए बीजेपी कार्यकर्ता संजय पोयरा ने कहा, *"पहले ममता बनर्जी के शासनकाल में पुलिस पूरी तरह एकतरफा काम करती थी। हमारे (बीजेपी) खिलाफ तो तुरंत केस दर्ज हो जाते थे, लेकिन टीएमसी नेताओं के बड़े से बड़े अपराध पर पुलिस आंखें मूंद लेती थी। लेकिन अब बंगाल की पुलिस पूरी तरह निष्पक्ष होकर काम कर रही है।"
चौतरफा घिरी तृणमूल कांग्रेस
गौरतलब है कि बंगाल में सत्ता बदलने के बाद से ही एक-एक कर टीएमसी के दिग्गज नेताओं के पुराने कारनामे और घोटाले सामने आ रहे हैं। कई बड़े नेता पहले ही सलाखों के पीछे जा चुके हैं, जबकि टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भी जांच एजेंसियों का शिकंजा कसा हुआ है। अब इस कड़ी में फिरहाद हकीम का नाम भी जुड़ गया है। अब देखना यह होगा कि इस ताजा शिकायत के आधार पर बिधाननगर पुलिस पूर्व मंत्री के खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाती है।