कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार ने अपना पहला महीना पूरा कर लिया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार ने शुरुआती 30 दिनों में कई ऐसे फैसले लिए हैं, जिन्हें वह अपने चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में पहला कदम बता रही है। स्वास्थ्य, महिला कल्याण, सीमा सुरक्षा, शिक्षा, सरकारी कर्मचारियों और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई निर्णयों ने राज्य की राजनीति और प्रशासन दोनों में नई बहस छेड़ दी है।
आयुष्मान भारत को मिली हरी झंडी
राज्य में लंबे समय से चर्चा में रही आयुष्मान भारत योजना को लागू करने का फैसला नई सरकार की पहली बड़ी घोषणाओं में शामिल रहा। सरकार का दावा है कि स्वास्थ्य साथी योजना के अंतर्गत शामिल करोड़ों लोगों को अब केंद्र की इस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का लाभ मिलेगा। जुलाई से इसके क्रियान्वयन की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को इलाज के लिए बड़ी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
अन्नपूर्णा योजना बनी महिलाओं के लिए सबसे बड़ी सौगात
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अन्नपूर्णा योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की सहायता राशि देने का प्रावधान किया गया है। जून से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और लाखों महिलाएं इसका लाभ प्राप्त कर चुकी हैं। इसके साथ ही वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन की राशि भी बढ़ाकर दोगुनी कर दी गई है।
महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त सफर
महिला मतदाताओं से किया गया एक और बड़ा वादा सरकार ने पहले महीने में ही पूरा कर दिया। राज्य संचालित बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की व्यवस्था लागू कर दी गई है। फिलहाल यात्रियों को विशेष टिकट दिए जा रहे हैं, जबकि भविष्य में स्मार्ट कार्ड आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी।
केंद्र की योजनाओं को लागू करने की तैयारी
नई सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीएम विश्वकर्मा, पीएम श्री स्कूल, उज्ज्वला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और पीएम सूर्य घर जैसी कई केंद्रीय योजनाओं को राज्य में लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।
सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ पर सख्त रुख
भारत-बांग्लादेश सीमा को लेकर सरकार ने पहले महीने में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सीमा बाड़बंदी के लिए लंबित भूमि हस्तांतरण को प्राथमिकता दी गई है और बीएसएफ को आवश्यक जमीन उपलब्ध कराई गई है। साथ ही अवैध प्रवासियों की पहचान और निगरानी के लिए होल्डिंग सेंटरों की व्यवस्था को मजबूत किया गया है। सरकार का दावा है कि हजारों अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
प्रशासनिक पहचान में बड़ा बदलाव
नई सरकार ने सरकारी कार्यालयों और आधिकारिक दस्तावेजों में इस्तेमाल होने वाले 'बिस्वा बांग्ला' लोगो की जगह राष्ट्रीय अशोक स्तंभ को अपनाने का फैसला किया है। इसे सरकारी पहचान को राष्ट्रीय प्रतीकों के अनुरूप बनाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
धार्मिक आयोजनों और सहायता योजनाओं पर नई नीति
सरकार ने सार्वजनिक सड़कों पर होने वाले बड़े धार्मिक आयोजनों को नियंत्रित करने की दिशा में कदम उठाए हैं। इसके साथ ही धर्म आधारित आर्थिक सहायता योजनाओं को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। सरकार का कहना है कि इन संसाधनों का उपयोग अब आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को सहायता देने में किया जाएगा।
कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की उम्मीद
सरकारी कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा सरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने का फैसला भी लिया गया है, जिससे हजारों युवाओं को फायदा मिलने की संभावना है।
स्कूलों और मदरसों में अनिवार्य होगा वंदे मातरम्
शिक्षा विभाग ने सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में प्रतिदिन वंदे मातरम् गाना अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। इसी तरह मदरसों में भी इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। यह फैसला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
अवैध निर्माणों और अतिक्रमण पर बुलडोजर कार्रवाई
सरकार ने अवैध निर्माणों और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान तेज किया है। कोलकाता और आसपास के कई इलाकों में अवैध इमारतों को गिराया गया, जबकि रेलवे स्टेशनों और बाजार क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। विपक्ष ने इस अभियान पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार इसे कानून के पालन की दिशा में जरूरी कदम बता रही है।
जनता दरबार और हेल्पलाइन से जनता तक सीधी पहुंच
सरकार ने 'जनता दरबार' और 'आपनार सरकार आपनार पासे' जैसी पहल शुरू कर आम लोगों की शिकायतों को सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाने की व्यवस्था की है। हेल्पलाइन और ईमेल सेवा के जरिए नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का दावा किया जा रहा है।
गरीबों के लिए 'मां आहार' योजना
सरकार ने जरूरतमंद लोगों को रियायती दर पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए 'मां आहार' योजना की भी घोषणा की है। इस योजना के तहत बेहद कम कीमत पर मछली-भात, अंडा-भात और शाकाहारी भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
पहले महीने का संदेश
नई सरकार के शुरुआती 30 दिनों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन तेज फैसलों और आक्रामक कार्यशैली के साथ आगे बढ़ना चाहता है। समर्थक इसे बदलाव की शुरुआत बता रहे हैं, जबकि विपक्ष कई फैसलों को लेकर सवाल उठा रहा है। आने वाले महीनों में इन नीतियों का वास्तविक प्रभाव सामने आएगा, लेकिन इतना तय है कि बंगाल की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है।