कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने रविवार को न्यूटाउन कन्वेंशन सेंटर में आयोजित पार्टी के एक कार्यक्रम से पीड़ित परिवारों के हक में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि साल 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में हुई राजनीतिक हिंसा (Post-Poll Violence) में मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवारों को इसी महीने यानी जून में ही सरकारी नौकरी और वित्तीय सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा करते हुए कहा कि हिंसा में जान गंवाने वाले 315 मृतकों के परिवारों के एक-एक सदस्य को इसी जून महीने में सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) सौंप दिया जाएगा। इसके साथ ही पीड़ित परिवारों को संबल देने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष (Chief Minister's Relief Fund) से 5 लाख रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी।
सत्ता में आने से पहले किया वादा किया पूरा
सत्ता संभालने और मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले ही सुवेंदु अधिकारी ने फलता में एक चुनावी जनसभा के दौरान यह स्पष्ट कर दिया था कि वे 2021 की चुनावी हिंसा में प्रताड़ित और मृत भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवारों के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। उन्होंने पीड़ित परिवारों को न्याय और पुनर्वास दिलाने का जो वादा किया था, सरकार बनते ही उन्होंने उसे अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री के इस फैसले से सालों से न्याय की आस लगाए बैठे प्रभावित परिवारों ने बड़ी राहत की सांस ली है।
2021 की वो दर्दनाक दास्तान
गौरतलब है कि साल 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बंगाल में पूरी ताकत झोंक दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय नेताओं ने धुआंधार प्रचार किया था। हालांकि, उस चुनाव में बहुमत हासिल कर तृणमूल कांग्रेस (TMC) फिर से सत्ता में लौटी थी।
आरोप है कि चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद राज्य के अलग-अलग जिलों में भाजपा कार्यकर्ताओं पर चौतरफा और बर्बर हमले किए गए। कार्यकर्ताओं के घर तोड़े गए, लूटपाट हुई और शिकायत के मुताबिक करीब 321 भाजपा कार्यकर्ताओं की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले को लेकर लंबी कानूनी लड़ाई और अदालती चक्कर भी काटे गए, लेकिन पीड़ित परिवारों को कोई खास राहत नहीं मिल सकी थी।
2026 के बदलाव से जगी थी न्याय की उम्मीद
समय का पहिया घूमा और साल 2026 के विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की जनता ने बड़ा उलटफेर करते हुए भाजपा को सत्ता की कमान सौंप दी। सत्ता परिवर्तन होते ही पीड़ित परिवारों को यह उम्मीद थी कि अब उनके साथ न्याय होगा। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की इस त्वरित और बड़ी घोषणा ने उन परिवारों की उम्मीदों को हकीकत में बदल दिया है। इस घोषणा के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में नई सरकार के इस कदम की चौतरफा चर्चा हो रही है।