कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने रविवार को राज्य की पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए भ्रष्टाचार और कुशासन को लेकर अब तक का सबसे हमला बोला है। न्यूटाउन कन्वेंशन सेंटर में आयोजित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक विशेष प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लिया। उन्होंने मजाकिया और तीखे लहजे में अपनी प्रशासनिक चुनौतियों को साझा करते हुए पूर्ववर्ती शासन की अनियमितताओं को उजागर किया।
न्यूटाउन के मंच से पूर्ववर्ती शासकों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “मैं प्रशासनिक फाइलों में जहां भी हाथ लगा रहा हूँ, वहीं से सड़ांध और बदबू आ रही है! पिछली सरकार आखिर क्या करके गई है? भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का पैमाना इतना बड़ा दिख रहा है कि इसके बाद तो ऐसा लगता है कि (आरोपियों को रखने के लिए) ब्रिगेड परेड ग्राउंड को ही जेल बनाना पड़ेगा” मुख्यमंत्री के इस कड़े बयान से साफ संकेत मिल रहे हैं कि नई सरकार को पिछली सरकार की कई फाइलों और योजनाओं की जांच के दौरान बड़े प्रशासनिक और वित्तीय घोटालों के सबूत मिले हैं, जिन्हें लेकर आने वाले दिनों में बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
'मैं नहीं, हम' के सिद्धांत पर काम करें कार्यकर्ता: मुख्यमंत्री
पिछली सरकार की तीखी आलोचना करने के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं को एक कड़ा और स्पष्ट संगठनात्मक संदेश भी दिया। राज्य में सत्ता में आने के बाद कार्यकर्ताओं के भीतर किसी भी प्रकार का अहंकार न पनपे, इसे लेकर आगाह करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा व्यक्ति-पूजा में नहीं, बल्कि सामूहिक नेतृत्व में विश्वास करती है।
कार्यकर्ताओं को गुरुमंत्र देते हुए सुवेंदु बाबू ने कहा, “'मैं नहीं, हम'— इसी नीति और भावना के साथ हम सभी को आगे बढ़ना है। भारतीय जनता पार्टी इसी मूलमंत्र पर टिकी है।”
'संकल्प पत्र' के वादे और पारदर्शिता पर जोर
प्रशिक्षण शिविर के मंच से आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने कुछ महत्वपूर्ण गड़ाईलाइंस भी तय कीं। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले भाजपा द्वारा जारी किए गए 'संकल्प पत्र' के हर एक वादे को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। संकल्प पत्र के सभी आश्वासनों को एक सुनियोजित योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
इसके साथ ही, प्रशासन के कामकाज में 100% पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे हमेशा 'दोनों आंखें खुली रखकर' सरकार के सभी विकास कार्यों और परियोजनाओं का कड़ा मूल्यांकन और निगरानी करें, ताकि सरकारी खजाने का पैसा सही जगह पहुंचे और आम जनता को सभी सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।
'संकल्प पत्र' के वादे और पारदर्शिता पर जोर
प्रशिक्षण शिविर के मंच से आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने कुछ महत्वपूर्ण गाइडलाइंस भी तय कीं। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले भाजपा द्वारा जारी किए गए 'संकल्प पत्र' के हर एक वादे को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। संकल्प पत्र के सभी आश्वासनों को एक सुनियोजित योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
इसके साथ ही, प्रशासन के कामकाज में 100% पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे हमेशा 'दोनों आंखें खुली रखकर' सरकार के सभी विकास कार्यों और परियोजनाओं का कड़ा मूल्यांकन और निगरानी करें, ताकि सरकारी खजाने का पैसा सही जगह पहुंचे और आम जनता को सभी सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।