कोलकाता/हावड़ा: पश्चिम बंगाल में मंगलवार की सुबह दो बड़े अग्निकांड की घटनाओं ने हड़कंप मचा दिया। हावड़ा के उलूबेड़िया स्थित एक जूट मिल और दक्षिण 24 परगना के नरेंद्रपुर इलाके में स्याही (काली) बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, दोनों घटनाओं में करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
उलूबेड़िया की नॉर्थ जूट मिल में लगी भीषण आग
हावड़ा जिले के उलूबेड़िया के बाउड़िया स्थित नॉर्थ जूट मिल में सोमवार देर रात आग लग गई। जानकारी के अनुसार, आग मिल के बी-1 और बेल गोदाम सेक्शन से शुरू हुई। सबसे पहले सुरक्षाकर्मियों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन गोदाम में भारी मात्रा में जूट और अन्य ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। करीब 10 घंटे की लगातार मशक्कत के बावजूद आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका।
40 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका
मिल प्रबंधन के मुताबिक, इस अग्निकांड में कम से कम 40 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट समेत अन्य कारणों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
नरेंद्रपुर की स्याही फैक्ट्री में भी लगी आग
वहीं, दक्षिण 24 परगना के नरेंद्रपुर थाना क्षेत्र के रामचंद्रपुर इलाके में मंगलवार सुबह एक स्याही (काली) बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। स्थानीय लोगों ने फैक्ट्री से उठती ऊंची लपटें और धुएं का गुबार देखकर तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में प्रतिमा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई केमिकल्स और ज्वलनशील पदार्थ रखे हुए थे, जिसकी वजह से आग तेजी से फैल गई।
केमिकल्स के कारण बुझाने में हो रही परेशानी
सूचना मिलने पर दमकल की 3 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। दमकल अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री में मौजूद रसायनों की वजह से आग पर काबू पाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
जांच में जुटा प्रशासन
दोनों घटनाओं के बाद प्रशासन और दमकल विभाग सतर्क हो गया है। आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल किसी के घायल होने या जनहानि की खबर सामने नहीं आई है, लेकिन आर्थिक नुकसान काफी बड़ा बताया जा रहा है।