कोलकाता: पश्चिम बंगाल में महिलाओं के लिए चलाई जा रही लक्ष्मी भंडार योजना में कथित घोटाले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने योजना में फर्जी लाभार्थियों के मामले सामने आने के बाद विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री का आरोप है कि महिलाओं के लिए शुरू की गई इस योजना का फायदा फर्जी खातों और घुसपैठियों के जरिए उठाया गया, जिससे असली लाभार्थियों के अधिकार प्रभावित हुए हैं।
लक्ष्मी भंडार योजना में फर्जी खातों का खुलासा
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि बहरामपुर में लक्ष्मी भंडार योजना के तहत 22 फर्जी लाभार्थियों की पहचान हुई है। जांच में कुछ खाते पुरुषों और संदिग्ध लाभार्थियों के नाम पर पाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि महिलाओं के लिए चलाई जा रही इस योजना का दुरुपयोग कर सरकारी धन का गलत तरीके से लाभ उठाया गया।
SIT जांच के दिए गए आदेश
मुख्यमंत्री ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को मामले की गहन जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेजों और गलत पहचान के जरिए योजना का लाभ लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार पूरे मामले की तह तक जाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
घुसपैठियों और TMC नेताओं पर गंभीर आरोप
सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं और घुसपैठियों ने महिलाओं के अधिकारों पर डाका डालते हुए योजना का अनुचित लाभ उठाया। उन्होंने कहा कि यह गरीब और जरूरतमंद महिलाओं के साथ अन्याय है, जिसकी पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार ऐसी गड़बड़ियों को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
फर्जी हस्ताक्षर विवाद से बढ़ा राजनीतिक तापमान
मुख्यमंत्री ने टीएमसी के भीतर सामने आए कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दो विधायकों की शिकायत के बाद मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में दोनों विधायकों को निलंबित कर दिया गया। जांच एजेंसियां अब इस पूरे मामले की भी पड़ताल कर रही हैं।
जांच में सहयोग नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई
सुवेंदु अधिकारी ने चेतावनी दी कि जांच में सहयोग न करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और जो भी व्यक्ति या समूह इस कथित घोटाले में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।