कोलकाता/राजारहाट। पश्चिम बंगाल में शराब कारोबार से जुड़े दुकानदारों ने अपने मुनाफे में बढ़ोतरी की मांग तेज कर दी है। पश्चिम बंगाल शराब विक्रेता संघ का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में उन्हें बेहद कम लाभ मिल रहा है, जिससे कारोबार चलाना मुश्किल होता जा रहा है। संघ के सचिव बिजन पात्रा ने कहा कि सरकार की विभिन्न कटौतियों के बाद शराब विक्रेताओं के पास महज 2 से 3 प्रतिशत तक का ही मार्जिन बचता है। इतने कम मुनाफे में दुकान संचालन, कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्चों का प्रबंधन करना चुनौती बन गया है।
बोले- 2-3% लाभ में दुकान चलाना मुश्किल
बिजन पात्रा ने कहा कि लगातार बढ़ती लागत और सीमित लाभांश के कारण कई दुकानदार आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही तो कई कारोबारियों के सामने दुकान बंद करने की नौबत आ सकती है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि शराब की बोतलों के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) पर दुकानदारों को कम से कम 10 प्रतिशत का मार्जिन दिया जाए।
10% मार्जिन मिलने से मिलेगी राहत
पश्चिम बंगाल शराब विक्रेता संघ का मानना है कि अगर लाभांश बढ़ाया जाता है तो दुकानदारों को आर्थिक राहत मिलेगी और कारोबार को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा। संघ का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में खर्च तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन लाभ उसी अनुपात में नहीं बढ़ रहा है। ऐसे में मार्जिन बढ़ाना समय की जरूरत बन गया है।
सरकार से जल्द फैसला लेने की अपील
शराब विक्रेता संघ ने राज्य सरकार से इस मांग पर सकारात्मक विचार करने और जल्द निर्णय लेने की अपील की है। संघ का कहना है कि यदि मुनाफे की दर में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले समय में कई दुकानदारों के लिए कारोबार जारी रखना मुश्किल हो जाएगा। फिलहाल सरकार की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन शराब कारोबारियों की इस मांग ने राज्य में नई बहस छेड़ दी है।