कोलकाता: पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार जल्द ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) को लागू करने जा रही है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार ने 2,103 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जिससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने का रास्ता साफ हो गया है।
केंद्र से मिली 2,103 करोड़ रुपये की मंजूरी
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने कोलकाता में आयोजित स्वास्थ्य विभाग के एक कार्यक्रम में बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए केंद्र सरकार ने 2,103 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इनमें से 527 करोड़ रुपये की पहली किस्त राज्य सरकार को प्राप्त हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राशि का उपयोग राज्य के अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और जनस्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में किया जाएगा, जिससे आम लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके।
आयुष्मान भारत से जुड़ेगा बड़ा वर्ग
सरकार के अनुसार, NHM के लागू होने के साथ ही राज्य में Ayushman Bharat योजना का दायरा भी बढ़ेगा। इसके तहत 1.36 करोड़ से अधिक परिवारों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलने की संभावना है। इस योजना के जरिए पात्र परिवारों को इलाज के खर्च में आर्थिक सहायता मिलेगी और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक आसान पहुंच मिल सकेगी।
जिला अस्पतालों की होगी निगरानी
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए राज्य सरकार कंट्रोल रूम स्थापित करने की भी तैयारी कर रही है। इन कंट्रोल रूम के माध्यम से जिला अस्पतालों की कार्यप्रणाली, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इससे स्वास्थ्य तंत्र अधिक जवाबदेह बनेगा और मरीजों को समय पर बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
लोगों को कैसे मिलेगा लाभ?
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन लागू होने के बाद ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा। अस्पतालों में संसाधनों की उपलब्धता बढ़ेगी, स्वास्थ्य केंद्रों की क्षमता मजबूत होगी और पात्र परिवारों को स्वास्थ्य बीमा का सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।