कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी सरकार के मंत्रियों के विभागों की आधिकारिक घोषणा के बाद नए खेल एवं युवा कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. इंद्रनील खां (Dr. Indranil Khan) ने अपनी कमान संभाल ली है। मंत्रालय का दायित्व मिलते ही उन्होंने राज्य के खेल जगत की सबसे बड़ी प्रशासनिक कमजोरी पर चोट करते हुए अपनी भावी योजनाओं को स्पष्ट किया है। डॉ. इंद्रनील खां ने चिंता जताते हुए कहा कि आज भारतीय फुटबॉल टीम या अन्य राष्ट्रीय खेल टीमों में बंगाल के खिलाड़ियों की संख्या न के बराबर हो गई है, जिसे बदलना ही उनका सबसे बड़ा लक्ष्य है।
प्रतिभाओं के पलायन और खेल अवसंरचना की कमी पर जताई चिंता
'इस समय लाइव' को दिए एक विशेष साक्षात्कार में नए खेल मंत्री ने कहा कि सही बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और अवसरों की कमी के कारण पश्चिम बंगाल के प्रतिभाशाली एथलीटों को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ रहा है। खेल प्रेमियों की इस पुरानी शिकायत को दूर करने का भरोसा देते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं की मदद से एथलीटों के भविष्य को पूरी तरह सुरक्षित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत' के सपने को करेंगे साकार: डॉ. इंद्रनील खां ने कहा, "मुझे एक विशेष और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने युवाओं के कल्याण के लिए और 'विकसित भारत' का जो सपना देखा है, उसने युवाओं को एक नया हौसला दिया है। हम बंगाल में उस सपने को हकीकत में बदलने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे। इससे पहले विपक्ष में रहते हुए हमने युवाओं के हक के लिए आवाज उठाई थी। लंबे समय से बंगाल का युवा वर्ग 'खेलो इंडिया' (Khelo India) और 'फिट इंडिया' (Fit India) जैसे बड़े आंदोलनों के लाभ से वंचित रहा। उन्हें उनका हक और नौकरियां नहीं दी गईं, बल्कि उन्हें सिर्फ प्रवासी (Migrant) बनाकर छोड़ दिया गया।"
संतोष ट्रॉफी और राष्ट्रीय टीम में वापसी पर विशेष फोकस
खेल मंत्री ने बंगाल के खेल इतिहास और वर्तमान स्थिति की तुलना करते हुए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को सामने रखा:
दूसरे राज्यों से खेल रहे हैं बंगाल के लड़के: उन्होंने अफ़सोस जताते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ी आज दूसरे राज्यों की तरफ से 'संतोष ट्रॉफी' (Santosh Trophy) खेलने को मजबूर हैं। भारतीय फुटबॉल टीम में बंगाल का प्रतिनिधित्व लगभग खत्म हो गया है। इस स्थिति को सुधारने के लिए विशेष योजना बनाई जा रही है।
तैयार होगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का इन्फ्रास्ट्रक्चर:
युवा खिलाड़ी भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन कर सकें, इसके लिए राज्य के हर हिस्से में सही खेल परिकाठमो (Infrastructural Setup) और सटीक प्लानिंग के साथ अकादमियां तैयार की जाएंगी।
'डबल इंजन' सरकार का मिलेगा सीधा लाभ:
केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के समन्वय से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जमीनी स्तर के खिलाड़ियों को सभी जरूरी वित्तीय सुविधाएं, आधुनिक उपकरण और सरकारी नौकरियां मिल सकें।
नवनियुक्त खेल मंत्री ने दृढ़ संकल्प जताते हुए कहा कि उनका अंतिम उद्देश्य बंगाल के लड़के-लड़कियों को इस काबिल बनाना है कि वे आने वाले समय में ओलंपिक (Olympics), कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) और विश्व कप (World Cup) जैसे वैश्विक मंचों पर देश और राज्य का नाम पूरी दुनिया में रोशन कर सकें।