उत्तर दमदम (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल के उत्तर दमदम इलाके में शुक्रवार शाम को उस वक्त भारी तनाव फैल गया, जब राहत सामग्री की तस्करी और उसे अवैध रूप से छिपाकर रखने के आरोप में स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने उत्तर दमदम नगरपालिका के चेयरमैन बिधान विश्वास के कमर्शियल ऑफिस में जमकर तोड़फोड़ की। इसके कुछ ही देर बाद, गुस्साए लोग 23 नंबर वार्ड के टीएमसी काउंसिलर शंकर दास के घर में घुस गए और उन्हें बाहर खींचकर बेरहमी से पीटा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल और केंद्रीय बलों (Central Forces) को तैनात करना पड़ा है।
फिशरी के दफ्तर में छिपा था राहत का सामान, कंडोम और शराब की बोतलें भी मिलीं
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 23 नंबर वार्ड के माझरहाटी इलाके में चेयरमैन बिधान विश्वास का 'अल्पना फिशरी' (कल्पना फिशरी) नाम का एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान है। आरोप है कि इस जगह पर लंबे समय से तिरपाल, कंबल, साड़ियां और अन्य सरकारी राहत सामग्रियां छिपाकर रखी गई थीं।
हाल ही में चेयरमैन ने इन सामग्रियों को नगरपालिका में शिफ्ट करने के लिए कार्यकारी अधिकारी (Executive Officer) को एक पत्र लिखा था। शुक्रवार को जब इन सामानों को वहां से हटाया जा रहा था, तभी स्थानीय लोगों की नजर इस पर पड़ गई और देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई।
दफ्तर के अंदर का नजारा देख भड़के लोग: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जब वे दफ्तर के अंदर घुसे, तो वहां भारी मात्रा में राहत सामग्री के साथ-साथ महंगी शराब की बोतलें, ग्लास और कंडोम भी मिले। इसके बाद लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने दफ्तर के फर्नीचर और अन्य सामानों को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया।
काउंसिलर को घर से खींचकर पीटा, महिलाओं से बदसलूकी का आरोप
चेयरमैन के दफ्तर में तोड़फोड़ के बाद इस हंगामे ने एक नया मोड़ ले लिया। प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा हिस्सा 23 नंबर वार्ड के टीएमसी काउंसिलर शंकर दास के घर पर धावा बोल दिया। स्थानीय लोगों ने काउंसिलर पर जमीन कब्जाने और इलाके के लोगों पर अत्याचार करने का आरोप लगाया।
भीड़ ने पहले काउंसिलर के घर पर पथराव और तोड़फोड़ की, फिर शंकर दास को घर से बाहर खींचकर सड़क पर लाकर उनके साथ मारपीट की। सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दावा है कि इस हमले में काउंसिलर के परिवार की महिलाएं भी उत्पीड़न का शिकार हुई हैं।
राजनीतिक बयानबाजी तेज: TMC ने बीजेपी पर मढ़ा दोष, BJP ने कहा- 'जनता का गुस्सा'
इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है:TMC का पक्ष: नाम न छापने की शर्त पर एक तृणमूल नेता ने दावा किया कि बरामद किया गया सामान कोई सरकारी राहत सामग्री नहीं था। यह पूर्व विधायक चंद्रिमा भट्टाचार्य की पहल पर बांटने के लिए लाया गया सामान था, जिसे पार्टी कार्यालय में जगह न होने के कारण वहां रखा गया था। टीएमसी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने सुनियोजित तरीके से अशांति फैलाने के लिए यह हमला किया है।
BJP का पलटवार: दूसरी तरफ, बीजेपी के उत्तर उपनगरीय जिला समिति के सदस्य निताई कुमार शील ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "इस घटना के पीछे कोई राजनीतिक उकसावा नहीं है। राहत सामग्री जमाखोरी की खबर जैसे ही सामने आई, आम जनता का गुस्सा फूट पड़ा। काउंसिलर के खिलाफ स्थानीय स्तर पर लंबे समय से असंतोष था, जिसका यह नतीजा है।"
पुलिस जांच में जुटी, इलाके में भारी तनाव
घटना के बाद से पूरे उत्तर दमदम इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। सुरक्षा के लिहाज से इलाके में भारी पुलिस बल और केंद्रीय बल गश्त कर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। पुलिस इलाके के विभिन्न वीडियो फुटेज और सीसीटीवी खंगाल रही है ताकि हमलावरों, तोड़फोड़ करने वालों और मारपीट के आरोपियों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।