कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई सरकार जमीनी स्तर पर प्रशासनिक सुधारों और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए पूरी ताकत से जुट गई है। गुरुवार को राज्य के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने 'मृत्तिका भवन' में एक महत्वपूर्ण संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने पंचायत स्तर पर पारदर्शिता लाने के लिए 1,100 कर्मचारियों के तत्काल तबादले, 11 हजार से अधिक पदों पर सरकारी भर्ती और ग्रामीण विकास की कई बड़ी परियोजनाओं का एलान किया।
3 साल से एक ही जगह जमे 1100 कर्मचारियों का इसी जून में तबादला
पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने बताया कि ग्रामीण स्तर पर भ्रष्टाचार और मिलीभगत को रोकने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिलाधिकारियों (DMs) को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जो भी पंचायत कर्मचारी पिछले 3 साल या उससे अधिक समय से एक ही जगह पर कार्यरत हैं, उनका तुरंत तबादला किया जाए।
मंत्री ने कहा, "राज्य भर में ऐसे कर्मचारियों की संख्या लगभग 1,100 है। इसी चालू महीने (जून) के भीतर इन सभी का ट्रांसफर पूरा करने का आदेश दिया गया है।" इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अब तक पंचायतों में ऑडिट अनियमित था, लेकिन अब से सभी ग्राम पंचायतों में समय-समय पर नियमित ऑडिट (Regular Audit) कराया जाएगा।
11,154 पदों पर होगी बंपर बहाली, नियमों के तहत होगी परीक्षा
दिलीप घोष ने राज्य की त्रि-स्तरीय पंचायत व्यवस्था में खाली पड़े पदों का ब्योरा देते हुए बेरोजगार युवाओं के लिए भी बड़ी खुशखबरी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में कुल 11,154 पद खाली हैं, जिनका विवरण इस प्रकार है:
ग्राम पंचायत स्तर: 9,936 पद
पंचायत समिति स्तर: 660 पद
जिला या अनुमंडल (महकुमा) स्तर: 558 पद
उन्होंने बताया कि पिछली कैबिनेट बैठक में 6,536 पदों पर भर्ती को मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई थी। मंत्री ने साफ संदेश दिया कि अब यह पूरी भर्ती प्रक्रिया नियमों के तहत और निष्पक्ष लिखित परीक्षा के माध्यम से पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।
केंद्र से मिलने लगा फंड, 100 दिन के बाद अब शुरू होगी '125 दिनों की काम' योजना
केंद्र सरकार के साथ समन्वय को लेकर पंचायत मंत्री ने एक बड़ा अपडेट देते हुए बताया कि केंद्र की सभी ग्रामीण विकास योजनाओं को अब पश्चिम बंगाल में पूरी तरह लागू कर दिया गया है, जिसके बाद केंद्र से बकाया फंड भी आना शुरू हो गया है।
ग्रामीण विकास के लिए अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं:
सड़क और पुल निर्माण: केंद्र सरकार के सहयोग से ग्रामीण बंगाल में 2,790 किलोमीटर लंबी सड़कों और 45 पुलों का निर्माण किया जाएगा। इस पर करीब 2,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
जीराम-जी (JIRAM-G) योजना: जून महीने तक राज्य में 100 दिनों का काम (मनरेगा) चालू रहेगा। इसके बाद जुलाई से राज्य सरकार 125 दिनों की काम योजना (जीराम-जी) शुरू करेगी, जिसके लिए सालाना 12,850 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया जाएगा।
स्वयं सहायता समूह (SHG): राज्य में 1 लाख नए स्वयं सहायता समूह बनाए जाएंगे और प्रत्येक समूह को 3.5 लाख रुपये तक के ऋण (लोन) की व्यवस्था की जाएगी।
दिशा (DISHA) कमेटी को लेकर जिलाधिकारियों को निर्देश
भ्रष्टाचार रोकने और केंद्रीय परियोजनाओं की निगरानी के लिए दिलीप घोष ने 'दिशा कमेटी' की सक्रियता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, *"इस कमेटी के अध्यक्ष सांसद (MPs) होते हैं। मैं खुद भी सांसद था, लेकिन पिछली सरकार में मुझे कभी बैठक में नहीं बुलाया गया। अब जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं कि सभी के साथ बेहतर समन्वय बनाकर ही विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाए।"