कोलकाता/पुरी: पश्चिम बंगाल में पुलिसिया कार्रवाई के डर से राज्य छोड़कर भागे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बाहुबली विधायक दिलीप मंडल को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गुप्त सूचना के आधार पर पड़ोसी राज्य ओडिशा के पुरी स्थित 'होटल लिली' में छापेमारी कर बिष्णुपुर के इस विधायक को धर दबोचा। चुनावी नतीजे आने के बाद से ही दिलीप मंडल लगातार फरार चल रहे थे और खुद को बचाने के लिए अदालत से सुरक्षा (कवच) की गुहार भी लगाई थी, लेकिन कानून के हाथों से बच नहीं सके।
वीडियो वायरल होने के बाद दर्ज हुई थी FIR
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद सोशल मीडिया पर टीएमसी विधायक दिलीप मंडल का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में वह विपक्षी दल भाजपा को खुलेआम धमकी देते नजर आ रहे थे। वीडियो में उन्हें यह कहते सुना गया, "15 साल से बहुत संयम दिखाया था, सबको शांति से रखा था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।" इस धमकी भरे वीडियो के सामने आने के बाद विधायक के खिलाफ कई थानों में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी, जिसके बाद से पुलिस उनकी तलाश में जुट गई थी।
रेड में मिला निजी चिड़ियाघर, स्विमिंग पूल और सीक्रेट गुफा
मामला दर्ज होने के बाद बीती 14 मई की सुबह भारी संख्या में पुलिस बल और रैफ (RAF) के जवानों ने दिलीप मंडल के पैलान स्थित आलीशान आवास पर छापेमारी की थी। जब पुलिस की टीम घर के अंदर दाखिल हुई, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई।
विधायक के महल जैसी सुख-सुविधाएं:
जांचकर्ताओं को विधायक के घर के अंदर एक निजी चिड़ियाघर (Zoo), स्विमिंग पूल, कई महंगी और लग्जरी गाड़ियां, कीमती लकड़ी के नक्काशीदार फर्नीचर और झूले मिले। इतना ही नहीं, पुलिस को घर के भीतर एक गुप्त गुफा (Secret Cave) होने की जानकारी भी मिली। इस छापेमारी के बाद से ही विधायक पैलान छोड़कर चंपत हो गए थे।
हथियारों के साथ बेटा पहले ही हो चुका है गिरफ्तार
विधायक दिलीप मंडल की तलाश के बीच बीते रविवार (17 मई) को राज्य पुलिस की टास्क फोर्स और डायमंड हार्बर जिला पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए विधायक के बेटे अर्घ्य मंडल की तलाश में छापेमारी की थी। पुलिस ने अर्घ्य मंडल समेत पांच अन्य करीबियों को बकखाली और फ्रेजरगंज इलाके से गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान इन आरोपियों के पास से भारी मात्रा में अवैध आग्नेयास्त्र (Firearms) और हथियार बरामद किए गए थे। इन सभी पर इलाके में जानबूझकर अशांति फैलाने और दहशत पैदा करने का आरोप है।
बेटे की गिरफ्तारी और पुलिस के बढ़ते शिकंजे को देख दिलीप मंडल ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर कर गिरफ्तारी से सुरक्षा की मांग की थी। कोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार भी कर ली थी, लेकिन सुनवाई से ठीक पहले वह बंगाल छोड़कर पुरी भाग गए, जहां बुधवार को एसटीएफ ने उनकी फरारी का अंत कर दिया।