कोलकाता/नबन्ना: पश्चिम बंगाल में सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपना एक और बड़ा चुनावी वादा पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। हाल ही में उत्तर बंगाल के दौरे पर गए मुख्यमंत्री ने कहा था कि वे उत्तर बंगाल का 'कर्ज' चुकाएंगे। शनिवार को राज्य सचिवालय 'नबन्ना' से उन्होंने इस बात को सच साबित कर दिखाया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि राज्य के तीन जिलों— अलीपुरद्वार, कालिम्पोंग और दक्षिण दिनाजपुर में नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बनाए जाएंगे।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री ने संबंधित जिला प्रशासनों को तुरंत 25 एकड़ उपयुक्त जमीन तलाशने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार की इस बड़ी घोषणा के बाद तीनों जिलों में उत्सव और खुशी का माहौल है।
नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के सहयोग से बनेंगे अस्पताल
मिली जानकारी के अनुसार, इन तीनों मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों का निर्माण नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के वित्तीय सहयोग से किया जाएगा। बताया जा रहा है कि एक महीने के भीतर एनएचएम के अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय टीम प्रस्तावित जमीन का निरीक्षण करने और योजना को रूप देने के लिए इन तीनों जिलों का दौरा करेगी।
मुख्यमंत्री की इस घोषणा से अलीपुरद्वार के लोग बेहद उत्साहित हैं। स्थानीय स्वयंसेवी संगठन 'मानविक मुख' के संपादक रातुल विश्वास ने कहा: "हम लंबे समय से अलीपुरद्वार में एक आधुनिक अस्पताल की मांग कर रहे थे। इस मेडिकल कॉलेज से न केवल हमारे जिले के लोगों को, बल्कि निचले असम और पड़ोसी देश भूटान के मरीजों को भी विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा।"अलीपुरद्वार से भाजपा सांसद मनोज टिया ने सुवेंदु सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि हम जो वादा करते हैं, उसे निभाते हैं। मुख्यमंत्री के इस संदेश से साफ है कि राज्य सरकार जल्द ही काम शुरू कर देगी।
दक्षिण दिनाजपुर में सुकांत मजूमदार का अभिषेक बनर्जी पर तंज
मेडिकल कॉलेज की घोषणा के बाद दक्षिण दिनाजपुर के बालुरघाट में भी खुशी की लहर है। 'प्रत्यूष' और 'इको फ्रेंड्स ऑर्गनाइजेशन' जैसी संस्थाओं का कहना है कि बालुरघाट जिला अस्पताल परिसर में ही 33.72 एकड़ की पर्याप्त जमीन उपलब्ध है, इसलिए सरकार को जमीन ढूंढने में परेशानी नहीं होगी।
इस बीच, बालुरघाट के सांसद और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:"चुनाव के समय अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि अगर बालुरघाट से टीएमसी जीतेगी तभी यहाँ मेडिकल कॉलेज बनेगा। उस वक्त मैंने चुनौती दी थी कि जीतेगी भाजपा ही और मेडिकल कॉलेज भी हम ही बनाएंगे। आज सुवेंदु बाबू की घोषणा ने साबित कर दिया कि भाजपा जो कहती है, वो करके दिखाती है।"
कालिम्पोंग और पहाड़ों में भी दौड़ी खुशी की लहर
इधर, पहाड़ों में कालिम्पोंग को नया मेडिकल कॉलेज मिलने की खबर से 'गोरखा टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन' (GTA) और स्थानीय नेता गदगद हैं। साल 2016 में कालिम्पोंग को अलग जिला तो घोषित किया गया था, लेकिन वहां बुनियादी स्वास्थ्य ढांचा बेहद कमजोर था। यहाँ तक कि दारजीलिंग के जोगीघाट में प्रस्तावित हिल यूनिवर्सिटी का काम भी अटका हुआ था।जीटीए के सलाहकार शक्तिप्रसाद शर्मा ने कहा कि पिछली सरकार ने सिर्फ बातें की थीं, लेकिन नई सरकार ने आधिकारिक तौर पर मेडिकल कॉलेज की घोषणा कर पहाड़ों के चेहरे पर खुशी ला दी है। पूर्व विधायक हरका बहादुर छेत्री ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे का विकास ही असली विकास है। जीटीए सूत्रों के मुताबिक, प्राथमिक तौर पर गोरुबथान में मेडिकल कॉलेज बनाने पर विचार किया जा रहा है।