कोलकाता: विश्व MSME दिवस 2026 के अवसर पर शनिवार को कोलकाता स्थित BCC&I (द बंगाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में राज्य सरकार, उद्योग जगत, व्यापारिक संगठनों और MSME क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य MSME क्षेत्र को मजबूत बनाने, निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन और उद्योगों के भविष्य की दिशा तय करना था।
सरकार ने रखा शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट का विजन
कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल सरकार के उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास (TET&SD) विभाग के मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और कौशल विकास को उद्योगों की जरूरतों से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कॉलेजों में चल रही प्रवेश प्रक्रिया, खाली सीटों की स्थिति, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और 51 आईटीआई संस्थानों में निजी औद्योगिक समूहों की भागीदारी को लेकर सरकार का विजन साझा किया।
उद्योग जगत ने MSME और 'मेक इन इंडिया' का किया समर्थन
कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि आनंद कुमार बजाज, अभिजीत रॉय और सुप्रियो घोष सहित कई उद्यमियों ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि MSME भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और 'मेक इन इंडिया' अभियान को सफल बनाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। वक्ताओं ने सरकार की उद्योग और कौशल विकास से जुड़ी पहलों की सराहना करते हुए निजी निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
Balmer Lawrie ने लॉन्च किया MSME बुकिंग पोर्टल
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण Balmer Lawrie MSME Booking Portal का शुभारंभ रहा। इस नए डिजिटल पोर्टल के जरिए MSME उद्यमी और कारोबारी अब आसानी से फ्लाइट बुकिंग सहित यात्रा से जुड़ी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। कंपनी का कहना है कि यह प्लेटफॉर्म छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए बिजनेस ट्रैवल को अधिक सरल, तेज और सुविधाजनक बनाएगा।
रोजगार और निवेश बढ़ाने पर रहा फोकस
वक्ताओं ने कहा कि यदि MSME क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, बेहतर वित्तीय सहायता और डिजिटल सुविधाओं से जोड़ा जाए तो रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। इसके लिए उद्योग, शिक्षा और कौशल विकास के बीच मजबूत तालमेल आवश्यक है।
MSME को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सरकार, उद्योग जगत और व्यापारिक संगठनों ने MSME क्षेत्र को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने, स्टार्टअप और उद्यमिता को प्रोत्साहन देने तथा 'विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया।