रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि प्रदेश में 5 हजार शिक्षकों की सीधी भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इनमें से पिछले दो वर्षों में 1,104 शिक्षकों की सीधी भर्ती पूरी की जा चुकी है। नई भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) के जरिए परीक्षा आयोजित की जाएगी।
नवा रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्कूल शिक्षा मंत्री ने विभाग के पिछले दो वर्षों के कामकाज और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार का फोकस शिक्षकों की भर्ती, पदोन्नति, स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं देने पर है।
CBT के जरिए होगी शिक्षक भर्ती
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित परीक्षा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय और स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में भी भर्ती प्रक्रिया जारी है।
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में 1,895 और स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में 1,171 पदों पर संविदा भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। दोनों श्रेणी के स्कूलों को मिलाकर कुल 3,066 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं।
453 शिक्षकविहीन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति
स्कूल शिक्षा मंत्री के मुताबिक प्रदेश के 453 शिक्षकविहीन स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 4,729 ऐसे स्कूलों में भी शिक्षकों की व्यवस्था की गई है, जहां पहले केवल एक शिक्षक पदस्थ था।शिक्षकों की उपलब्धता और स्कूलों में पदों के बेहतर वितरण के लिए 10,538 स्कूलों का समायोजन किया गया है। साथ ही 15,165 शिक्षकों और प्राचार्यों का समायोजन भी किया गया।
7 हजार से ज्यादा शिक्षकों को मिला प्रमोशन
पिछले दो वर्षों में शिक्षा विभाग में 7 हजार से ज्यादा पदोन्नतियां की गई हैं। इनमें 2,813 प्राचार्यों और 1,798 व्याख्याताओं की पदोन्नति शामिल है।सरकार का कहना है कि भर्ती और पदोन्नति के साथ-साथ स्कूलों में खाली पदों को भरने और शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी लगातार काम किया जा रहा है।
दिव्यांग बच्चों के लिए 848 स्पेशल एजुकेटर पद मंजूर
दिव्यांग बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्पेशल एजुकेटर के 848 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से वर्ष 2025 में 62 पदों पर सीधी भर्ती की जा चुकी है।इस पहल का उद्देश्य विशेष जरूरत वाले बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराना है।
स्कूलों में लागू हुई नई शिक्षा नीति
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में 15 जुलाई 2024 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है। इसके तहत कक्षा 1 और 2 की हिंदी पुस्तकों में बारहखड़ी को शामिल किया गया है।कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों के लिए स्थानीय और अन्य राज्यों की भाषाओं में भी किताबें तैयार की गई हैं। वहीं कक्षा 3 से 8 तक के बच्चों के लिए अतिरिक्त पढ़ने की सामग्री विकसित की गई है।
बस्तर-सरगुजा में स्थानीय भाषाओं पर जोर
आदिवासी बहुल क्षेत्रों में बच्चों को उनकी स्थानीय भाषा के माध्यम से पढ़ाने पर भी सरकार जोर दे रही है। बस्तर संभाग में 2,700 शिक्षकों और सरगुजा संभाग में 2,368 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है।कक्षा 1 से 3 तक छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी और सादरी भाषाओं में पढ़ाई के लिए किताबें तैयार करने का काम भी जारी है।
शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था
स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक और टीके ऐप के जरिए ऑनलाइन अटेंडेंस की व्यवस्था लागू की गई है।विभाग के अनुसार रोजाना करीब 85 प्रतिशत शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन छुट्टी आवेदन, पेपरलेस कामकाज और ऑनलाइन संपत्ति संबंधी जानकारी जैसी व्यवस्थाएं भी शुरू की गई हैं।
45 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को मुफ्त किताबें
शिक्षा विभाग के मुताबिक कक्षा 1 से 10 तक के 45 लाख 33 हजार 261 विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई गईं
504 नए स्कूलों को मिली मंजूरी
स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए पिछले तीन वर्षों में 504 नए स्कूलों को मंजूरी दी गई है। वहीं वर्ष 2026-27 के बजट में 700 भवनविहीन स्कूलों के लिए नए भवन बनाने का प्रावधान किया गया है।वर्ष 2023 से 2026 के बीच 2,583 अतिरिक्त कक्षों को भी मंजूरी दी गई है।
बस्तर में 48 बंद स्कूल दोबारा खुले
बस्तर संभाग में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बंद स्कूलों को फिर से शुरू किया जा रहा है। विभाग के अनुसार संभाग के छह जिलों के 97 प्रतिशत गांवों में प्राथमिक स्कूल स्थापित किए जा चुके हैं।बस्तर में 48 बंद स्कूलों को दोबारा खोला गया है, जबकि 36 नए स्कूल शुरू किए गए हैं।