आलीराजपुर: अमर शहीद की 95वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आज जिले में गरिमामय श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जिले के प्रवास पर रहेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे। मुख्यमंत्री सर्वप्रथम आजाद स्मृति मंदिर पहुंचकर अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके पश्चात मण्डी प्रांगण, चंद्रशेखर आजाद नगर में आयोजित कार्यक्रम में जनसमुदाय को संबोधित करेंगे।
शौर्य और बलिदान की अमर गाथा
ज्ञातव्य है कि अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को मध्यप्रदेश के भाबरा ग्राम में हुआ था। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनके अद्वितीय साहस और त्याग ने उन्हें अमर बना दिया। 27 फरवरी 1931 को प्रयागराज स्थित में अंग्रेजी पुलिस से घिर जाने पर उन्होंने वीरतापूर्वक मुकाबला किया और अंतिम सांस तक स्वतंत्रता के संकल्प को निभाया। उनका जीवन आज भी राष्ट्रभक्ति, आत्मसम्मान और साहस की प्रेरणा देता है।
171.19 करोड़ रुपये के विकास कार्य होंगे समर्पित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर जिले को विकास की बड़ी सौगात देंगे। उनके कर-कमलों द्वारा 79.92 करोड़ रुपये लागत के 14 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 119.02 करोड़ रुपये लागत के 35 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा। कुल मिलाकर 171.19 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं जिलेवासियों को समर्पित की जाएंगी, जिससे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे, सुविधाओं और समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
उदयगढ़ भगोरिया में होंगे मुख्यमंत्री शामिल
भगोरिया को राष्ट्रीय पहचान देने की प्रतिबद्धता के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज जनजातीय अंचल में आयोजित पारंपरिक भगोरिया हाट में भी सम्मिलित होंगे। इस दौरान वे जनजातीय समाज के लोगों को शुभकामनाएं देंगे और उनसे संवाद करेंगे। भगोरिया हाट जनजातीय अंचल का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक लोकपर्व है, जो विशेष रूप से भील जनजाति की समृद्ध परंपराओं से जुड़ा है। होली से पूर्व आयोजित होने वाला यह उत्सव सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक उल्लास और लोकजीवन की जीवंत अभिव्यक्ति का प्रतीक है।
उदयगढ़ का भगोरिया रंग-बिरंगी वेशभूषा, पारंपरिक आभूषण, मांदल-ढोल की थाप, लोकनृत्य और गीतों के लिए प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री द्वारा भगोरिया को राष्ट्रीय पर्व की तरह उल्लासपूर्वक मनाए जाने की घोषणा जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और सम्मान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री का यह प्रवास न केवल शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि का प्रतीक है, बल्कि जनजातीय समाज के साथ सरकार की आत्मीयता और विकास के प्रति संकल्प को भी सशक्त रूप से अभिव्यक्त करता है।
Comments (0)